पंजाब में नई बसों की खरीद से सार्वजनिक परिवहन में सुधार
पंजाब सरकार का नया कदम
चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने राज्य के सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ करने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में लगभग 700 नई बसों की खरीद की जा रही है। इसके लिए सरकार ने खुली निविदा प्रक्रिया का पालन किया, जिसमें टाटा मोटर्स और अशोक लेलैंड जैसी प्रमुख कंपनियों ने भाग लिया। सभी तकनीकी और वित्तीय प्रक्रियाओं के बाद यह टेंडर अशोक लेलैंड को दिया गया है।
नई बसों की विशेषताएँ
सरकार का मानना है कि इन नई बसों के शामिल होने से यात्रियों को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और आधुनिक यात्रा का अनुभव प्राप्त होगा।
लेटेस्ट टेक्नोलॉजी से लैस होंगी नई बसें
नई बसों को अत्याधुनिक तकनीक के अनुसार डिजाइन किया जाएगा। प्रत्येक बस में सुरक्षा के लिए उच्च गुणवत्ता वाले कैमरे लगाए जाएंगे। इसके अलावा, सभी बसों में GPS आधारित ट्रैकिंग सिस्टम होगा, जिससे परिवहन विभाग हर बस की स्थिति और गतिविधियों पर रियल टाइम में नजर रख सकेगा।
सरकार का मानना है कि इस तकनीक से बसों के संचालन में पारदर्शिता बढ़ेगी और यात्रियों को समय पर सेवाएँ उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
डिजिटल टिकटिंग की सुविधा
यात्रियों को मिलेगी सुविधा
हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि राज्य सरकार ने टिकट बुकिंग प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल बनाने की दिशा में कदम उठाए हैं। अब यात्री घर बैठे ऑनलाइन टिकट बुक कर सकेंगे और डिजिटल भुगतान के माध्यम से आसानी से यात्रा कर सकेंगे।
सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से टिकट खरीदने के लिए लंबी कतारों की आवश्यकता कम होगी और सभी वर्गों के लोग आधुनिक सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।
सरकारी बस बेड़े में वृद्धि
3546 बसों के साथ देश का सबसे बड़ा सरकारी बस बेड़ा
सरकार के अनुसार, 700 नई बसों के शामिल होने के बाद पंजाब के सार्वजनिक क्षेत्र के बस बेड़े की कुल संख्या 3546 तक पहुँच जाएगी। मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने दावा किया कि इसके साथ ही पंजाब सरकारी बस बेड़े के मामले में देश में पहले स्थान पर पहुँच गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अपने बस बेड़े में लगभग 56 प्रतिशत की वृद्धि कर रही है, जिससे राज्य के विभिन्न शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच परिवहन व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा।
यात्रियों की सुविधा पर ध्यान
सरकार का जोर
सरकार का कहना है कि नई बसों का उद्देश्य केवल संख्या बढ़ाना नहीं है, बल्कि सार्वजनिक परिवहन को अधिक विश्वसनीय, सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाना भी है। आधुनिक सुविधाओं से लैस इन बसों के संचालन के बाद यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी, समय की बचत और अधिक आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलने की उम्मीद है।
