पंजाब में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण अभियान तेजी से आगे बढ़ा
चंडीगढ़ में मतदाता सूची का अद्यतन
चंडीगढ़: पंजाब में मतदाता सूची को और अधिक सटीक बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान तेजी से चल रहा है। इस अभियान के शुरू होने के केवल 16 दिनों के भीतर एक करोड़ से अधिक गणना फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि राज्य के लगभग सभी घरों तक गणना फॉर्म पहुंच चुके हैं। अब विशेष शिविरों के माध्यम से शेष प्रक्रिया को पूरा करने और मतदाताओं की भागीदारी को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
मुख्य चुनाव अधिकारी की जानकारी
मुख्य चुनाव अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने बताया कि 25 जून से शुरू हुए इस अभियान में अब तक एक करोड़ से अधिक गणना फॉर्म डिजिटल रिकॉर्ड में शामिल किए जा चुके हैं। इसके साथ ही राज्य के 99.34 प्रतिशत घरों तक गणना फॉर्म पहुंचाए जा चुके हैं। उनका कहना है कि यह प्रगति मतदाता सूची को अधिक विश्वसनीय और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
चुनाव कर्मियों की मेहनत
मुख्य चुनाव अधिकारी ने इस सफलता का श्रेय बूथ स्तर के अधिकारियों, सुपरवाइजरों, सहायक चुनाव पंजीकरण अधिकारियों और चुनाव पंजीकरण अधिकारियों को दिया। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी लगातार फॉर्म बांटने, उन्हें वापस लेने और डिजिटाइज करने का कार्य कर रहे हैं। यही कारण है कि अभियान निर्धारित समय के भीतर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
विशेष शिविरों का आयोजन
मतदाताओं की सुविधा के लिए 11 और 12 जुलाई को पंजाब के सभी 24,453 पोलिंग स्टेशनों पर सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक विशेष कैंप लगाए जाएंगे। इन शिविरों में बचे हुए गणना फॉर्म भरे जाएंगे, जमा किए जाएंगे और डिजिटल रिकॉर्ड में जोड़े जाएंगे। इसके साथ ही मतदाता सूची में नाम, पता या अन्य विवरण से जुड़ी त्रुटियों को भी सुधारा जाएगा।
2.14 करोड़ मतदाताओं तक पहुंचने का लक्ष्य
चुनाव आयोग के अनुसार, राज्य के 24,453 बूथ लेवल अधिकारी 25 जून से 24 जुलाई के बीच 2 करोड़ 14 लाख 61 हजार 43 मतदाताओं तक घर-घर पहुंच रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य हर योग्य मतदाता का सही और अद्यतन रिकॉर्ड तैयार करना है ताकि भविष्य के चुनावों में किसी भी योग्य नागरिक का नाम सूची से छूट न जाए।
आगे की योजना
मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि 24 जुलाई तक पोलिंग स्टेशनों के पुनर्गठन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद 3 अगस्त को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित होगा। 3 अगस्त से 2 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी, जबकि उनका निपटारा 28 सितंबर तक किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची 1 अक्टूबर 2026 को जारी होगी। उन्होंने सभी नागरिकों से विशेष शिविरों में पहुंचकर अपने वोट संबंधी विवरण की जांच और आवश्यकता पड़ने पर संशोधन कराने की अपील की है।
