पंजाब में मशरूम खेती को बढ़ावा देने के लिए नई सब्सिडी योजना
पंजाब सरकार की नई पहल
चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने किसानों की आय में वृद्धि और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए एक नई योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत मशरूम उत्पादन इकाइयों को अनुदान प्रदान किया जाएगा, जिससे पारंपरिक फसलों के साथ वैकल्पिक खेती को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि कम भूमि, कम जल और सीमित निवेश के साथ मशरूम की खेती किसानों के लिए एक लाभकारी विकल्प हो सकती है। इस योजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को भी लाभ पहुंचाना है।
अनुदान की राशि और योजना का उद्देश्य
राज्य सरकार ने 'राज्य योजना' के अंतर्गत मशरूम उत्पादन इकाई स्थापित करने वाले किसानों को कुल लागत का 40 प्रतिशत अनुदान देने का निर्णय लिया है। इस सब्सिडी की अधिकतम सीमा 80 हजार रुपये निर्धारित की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को नई और लाभकारी खेती अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
कम लागत में व्यवसाय की शुरुआत
बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत के अनुसार, लगभग दो लाख रुपये की लागत से एक छोटी मशरूम उत्पादन इकाई स्थापित की जा सकती है। सरकार द्वारा दी जाने वाली अनुदान राशि से किसानों पर आर्थिक बोझ कम होगा, जिससे खेती को व्यवसाय के रूप में अपनाना आसान होगा।
कम संसाधनों में बेहतर विकल्प
मंत्री ने बताया कि मशरूम की खेती के लिए अधिक भूमि या पानी की आवश्यकता नहीं होती है। लगभग 1800 वर्ग फुट क्षेत्र में उत्पादन इकाई स्थापित की जा सकती है। यही कारण है कि छोटे और सीमांत किसान भी सीमित संसाधनों के साथ इस खेती से अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं।
प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता
सरकार केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दे रही, बल्कि किसानों को प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान करेगी। बागवानी विभाग मशरूम उत्पादन से जुड़ी आधुनिक तकनीकों, रखरखाव और विपणन संबंधी जानकारी देकर किसानों को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास करेगा।
आवेदन प्रक्रिया
योजना का लाभ उठाने के इच्छुक किसान अपने जिले के जिला बागवानी अधिकारी से संपर्क कर आवेदन कर सकते हैं। विभाग की ओर से पात्र किसानों को योजना की पूरी जानकारी, आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
