पंजाब में संपत्तियों के लिए ड्रोन सर्वे की शुरुआत
पंजाब संपत्ति ड्रोन सर्वे
पंजाब संपत्ति ड्रोन सर्वे: पंजाब में शहरी गांवों की संपत्तियों के पुराने रिकॉर्ड को डिजिटल बनाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। सरकार उच्च गुणवत्ता वाले ड्रोन और GIS तकनीक का उपयोग करके लाल लकीर के भीतर आने वाली संपत्तियों का मानचित्रण करेगी। इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले 50 गांवों का चयन किया जाएगा, और जमीन पर रिकॉर्ड का सत्यापन भी किया जाएगा।
ड्रोन द्वारा संपत्तियों का मानचित्रण
इस परियोजना के पहले चरण में ड्रोन का उपयोग करके लाल लकीर के भीतर स्थित प्लॉट और अन्य संपत्तियों का सर्वेक्षण किया जाएगा। प्राप्त तस्वीरों और आंकड़ों के आधार पर डिजिटल नक्शे बनाए जाएंगे। इसके बाद, फील्ड कर्मचारी मौके पर जाकर संपत्ति की सीमाओं और पुराने रिकॉर्ड की जांच करेंगे। सत्यापन के बाद, मालिकों और अन्य संबंधित व्यक्तियों से दावे और आपत्तियां मांगी जाएंगी। यदि किसी सीमा या रिकॉर्ड को लेकर विवाद उत्पन्न होता है, तो उसकी जांच कर समाधान किया जाएगा। प्रक्रिया के अंत में सही पाए गए मालिकों को डिजिटल प्रॉपर्टी कार्ड प्रदान किए जाएंगे।
पुराने रिकॉर्ड और विवादों में कमी
शहरी गांवों में लाल लकीर के भीतर कई संपत्तियों का रिकॉर्ड लंबे समय से पारंपरिक या अनौपचारिक दस्तावेजों पर निर्भर रहा है। कई मामलों में ये संपत्तियां औपचारिक राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं, जिससे जमीन की सीमाओं, मालिकाना हक और खरीद-बिक्री में विवाद उत्पन्न होते हैं। डिजिटल व्यवस्था में संपत्ति की सही स्थिति और सीमाओं के साथ मालिक की जानकारी भी दर्ज की जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि सत्यापित रिकॉर्ड से खरीद-बिक्री में लोगों का विश्वास बढ़ेगा और पुराने दस्तावेजों, आपसी दावों तथा जमीन की सीमाओं से जुड़ी समस्याएं कम होंगी।
शहरी योजना और ई-गवर्नेंस में लाभ
इस योजना के तहत संपत्तियों की स्थिति और उनसे संबंधित जानकारी का एक डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जाएगा। आवश्यकता अनुसार इसे भूमि, राजस्व, नगर निकाय और अन्य सरकारी रिकॉर्ड से जोड़ा जा सकेगा। इसका उपयोग शहरों की योजना बनाने, प्रॉपर्टी टैक्स निर्धारित करने, बुनियादी सुविधाओं की योजना और आपदा प्रबंधन में किया जा सकेगा। यह व्यवस्था पंजाब आबादी देह (रिकॉर्ड ऑफ राइट्स) अधिनियम, 2021 और इसके बाद के संशोधनों के आधार पर लागू होगी। भविष्य में इसे ई-गवर्नेंस सेवाओं से जोड़ने की योजना है, जिससे लोग डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी सत्यापित संपत्ति की जानकारी देख सकेंगे।
