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पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव: 16,468 छात्रों का मतदान आज

पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव के लिए मतदान आज हो रहा है, जिसमें 16,468 छात्र अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। इस बार अध्यक्ष पद के लिए चार प्रमुख उम्मीदवार हैं, और चुनावी माहौल काफी रोचक है। विभिन्न छात्र संगठनों ने अपने उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार किया है। मतदान के बाद होने वाली मतगणना से यह तय होगा कि छात्रसंघ की कमान किसके हाथ में जाएगी। जानें इस चुनाव के बारे में और अधिक जानकारी।
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चंडीगढ़ में छात्रसंघ चुनाव की तैयारी


चंडीगढ़: पंजाब यूनिवर्सिटी सहित चंडीगढ़ के 11 कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव के लिए मतदान आज हो रहा है। इस बार चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प है, जिसमें कुल 16 प्रत्याशी विभिन्न पदों के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। लगभग 16,468 छात्र अपने मताधिकार का उपयोग कर पीयू छात्रसंघ के नए पदाधिकारियों का चुनाव करेंगे।


अध्यक्ष पद के लिए प्रमुख उम्मीदवार

पंजाब यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष पद के लिए आदिल बराड़, अंकित बिढान, दर्शनप्रीत सिंह और गुरमन सिंह सिद्धू चुनावी मैदान में हैं। आदिल बराड़ एएसएपी से, अंकित बिढान एबीवीपी से, दर्शनप्रीत सिंह सथ से और गुरमन सिंह सिद्धू एनएसयूआई से चुनाव लड़ रहे हैं।


उम्मीदवारों की संख्या और चुनावी माहौल

हालांकि अध्यक्ष पद के लिए चार उम्मीदवार हैं, लेकिन चुनावी माहौल मुख्य रूप से त्रिकोणीय मुकाबले का प्रतीक है। विभिन्न छात्र संगठनों ने अपने उम्मीदवारों के समर्थन में जोरदार प्रचार किया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मतदाता किस उम्मीदवार को छात्रसंघ अध्यक्ष के रूप में चुनते हैं।


मतदान में भाग लेने वाले छात्र

पीयू प्रशासन के अनुसार, इस बार कुल 16,468 छात्र मतदान करेंगे, जिनमें लगभग 9,000 छात्राएं, 7,467 छात्र और एक ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। मतदान के लिए विश्वविद्यालय के 60 विभागों में 191 बूथ बनाए गए हैं, जो पिछले साल के 171 मतदान केंद्रों से 20 अधिक हैं।


छात्रों को सुबह 9 बजे से पहले अपने संबंधित विभागों में पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन और चंडीगढ़ पुलिस ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। कैंपस का एक गेट बंद रहेगा, जबकि अन्य गेट खुले रहेंगे।


चुनाव में विभिन्न पदों के लिए उम्मीदवार

पीयू चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए चार, उपाध्यक्ष पद के लिए पांच, सचिव पद के लिए तीन और संयुक्त सचिव पद के लिए चार उम्मीदवार हैं। कुल उम्मीदवारों में चार महिला प्रत्याशी भी शामिल हैं। इनमें उपाध्यक्ष पद के लिए दो और सचिव तथा संयुक्त सचिव पद के लिए एक-एक महिला उम्मीदवार चुनाव लड़ रही हैं।


गठबंधन की राजनीति का प्रभाव

इस बार किसी भी छात्र संगठन ने चारों प्रमुख पदों पर अपने उम्मीदवार नहीं उतारे हैं, जिससे चुनाव के बाद गठबंधन की राजनीति महत्वपूर्ण हो सकती है। विभिन्न संगठनों के बीच संभावित गठजोड़ से चुनावी समीकरण बदलने की संभावना बनी हुई है।


20 तारीख को चुनाव की घोषणा के बाद छात्र संगठनों ने प्रचार शुरू किया था। 24 तारीख को नामांकन हुआ और 25 तारीख को नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी हुई। लगभग 10 दिनों तक चले प्रचार अभियान में छात्र संगठनों ने मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी।


अब मतदान के बाद होने वाली मतगणना से तय होगा कि पीयू छात्रसंघ की कमान किसके हाथ में जाएगी। छात्रों के वोट से इस बार का चुनावी सिकंदर कौन बनेगा, इसका जवाब आज सामने आ जाएगा।