पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्रा की मौत: मजिस्ट्रियल जांच का आदेश
चंडीगढ़ में पीएचडी शोधार्थी की मौत पर जांच
चंडीगढ़: पंजाब यूनिवर्सिटी परिसर में पीएचडी की छात्रा ज्योति की मृत्यु के मामले में यूटी प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच का आदेश दिया है। चंडीगढ़ के जिला मजिस्ट्रेट ने एक तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है, जो इस घटना की निष्पक्ष और विस्तृत जांच करेगी। समिति को अपनी रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करनी है।
जांच समिति का गठन
इस जांच समिति की अध्यक्षता यूटी के समाज कल्याण निदेशक नवीन रत्तू करेंगे। समिति में चंडीगढ़ पुलिस के डीएसपी ट्रैफिक लक्ष्य पांडे और यूटी इंजीनियरिंग विभाग के कार्यकारी अभियंता गुरप्रीत सिंह बैंस भी शामिल हैं। इन तीनों को घटना से संबंधित सभी तथ्यों की जांच करने का कार्य सौंपा गया है।
जांच रिपोर्ट की समयसीमा
समिति यह निर्धारित करेगी कि शोधार्थी की मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई। इसके अलावा, मौत के वास्तविक कारणों की भी जांच की जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि क्या किसी व्यक्ति, विभाग, एजेंसी या विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई लापरवाही हुई है। यदि किसी की जिम्मेदारी बनती है, तो उसे रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा।
जांच केवल मृत्यु के कारणों तक सीमित नहीं रहेगी। समिति घटना स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था, रखरखाव और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र की भी समीक्षा करेगी। यदि सुरक्षा मानकों में कोई कमी पाई जाती है, तो उसे रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक सुधार और संस्थागत कदम भी सुझाए जाएंगे।
घटना के बाद छात्रों और विभिन्न संगठनों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। अब मजिस्ट्रियल जांच शुरू होने से मामले में जल्द स्पष्टता आने की उम्मीद है। एक सप्ताह में रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन आगे की कार्रवाई तय करेगा। पंजाब यूनिवर्सिटी परिसर में यह घटना काफी संवेदनशील मानी जा रही है। शोधार्थी ज्योति की मृत्यु के बाद पूरे परिसर में चर्चा का विषय बनी हुई है। प्रशासन ने अब गंभीरता से जांच समिति का गठन किया है, और समिति के सदस्य सभी पहलुओं पर ध्यान देंगे।
