पंजाब विधानसभा में पेपर लीक पर गरमाई बहस, सुधार की मांग
पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र
सोमवार को पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे पर गरमा गया। इस दौरान विपक्ष और सत्ताधारी पार्टी के बीच तीखी बहस हुई। सदन ने परीक्षा प्रणाली में सुधार, छात्रों के हितों की सुरक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया।
पेपर लीक पर सदन में हंगामा
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस के विधायक काले दुपट्टे पहनकर आए और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग की। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के शासन में कई परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार से जवाबदेही मांगी जा सकती है, तो राज्य सरकार को भी अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। लगातार नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक बताते हुए कहा कि राज्य में सरकारी नौकरियां पूरी तरह से योग्यता के आधार पर दी जा रही हैं।
प्रस्ताव में परीक्षा व्यवस्था सुधार पर जोर
हंगामे के बाद विधानसभा ने परीक्षा घोटालों, भर्ती में कथित अनियमितताओं और संस्थागत कमियों की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया। प्रस्ताव में कहा गया कि बार-बार सामने आने वाली ऐसी घटनाओं ने युवाओं का भरोसा कमजोर किया है। सदन ने देशभर के छात्रों के साथ एकजुटता जताई और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की भी मांग की। इसके साथ ही परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने केंद्र पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चर्चा के दौरान कहा कि पिछले वर्षों में देशभर में पेपर लीक की घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस समस्या को प्रभावी ढंग से रोकने में असफल रही है। मान ने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी चिंताओं का समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना सरकारों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
शिक्षा मंत्री ने सुधार का दिया भरोसा
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि यह मामला केवल पेपर लीक तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी परीक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नीति निर्माताओं को छात्रों की उम्मीदों पर खरा उतरना होगा। बैंस ने यह भी कहा कि वे छात्रों के आंदोलन में शामिल होकर उनकी बात सुन चुके हैं और लोकतांत्रिक विरोध को राष्ट्रविरोध से नहीं जोड़ना चाहिए। वहीं भाजपा विधायक अश्विनी शर्मा ने राज्य सरकार से अपने कार्यकाल के दौरान सामने आए कथित पेपर लीक मामलों पर जवाबदेही तय करने की मांग उठाई।
