बठिंडा में गणपति विसर्जन के दौरान बच्चों का पानी में बहना, बचाव कार्य जारी
बठिंडा में गणपति विसर्जन के दौरान हादसा
बठिंडा में मंगलवार की शाम गणपति विसर्जन के समय एक गंभीर घटना घटित हुई। सरहिंद नहर के किनारे मौजूद भीड़ में से दो बच्चे पानी में बह गए। घटना के तुरंत बाद, पुलिस और नौजवान वेलफेयर सोसायटी की टीम ने खोजबीन शुरू की। NDRF की टीम को भी मौके पर बुलाने की तैयारी की जा रही है।
भीड़ और तेज बहाव का सामना
गणपति विसर्जन के दौरान सरहिंद नहर के किनारे बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए थे। इसी बीच, 11 वर्षीय रिशु और 6 वर्षीय अंजना के बहने की सूचना मिली। स्थानीय लोगों का कहना है कि वहां गोताखोरों की व्यवस्था नहीं थी। हादसे के बाद, नौजवान वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष सोनू माहेश्वरी और उनकी टीम ने बच्चों की तलाश शुरू की। थाना कैनाल कॉलोनी की पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंच गई है। अभी तक दोनों बच्चों की स्थिति स्पष्ट नहीं है और रेस्क्यू टीम लगातार पानी में खोज कर रही है। NDRF को भी इस अभियान में शामिल करने की योजना है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
स्थानीय निवासियों का कहना है कि नहर के आसपास उचित फेंसिंग या चारदीवारी नहीं है, जिससे लोगों के लिए खतरा बना रहता है। उनका कहना है कि गर्मियों में आसपास के बच्चे नहर में नहाने आते हैं और पहले भी यहां हादसे हो चुके हैं। गणपति विसर्जन के दौरान भीड़ बढ़ने से सुरक्षा व्यवस्था और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। सोनू माहेश्वरी ने प्रशासन से सवाल उठाते हुए कहा कि विसर्जन के समय पुलिस बल, गोताखोर, बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा इंतजाम पहले से होने चाहिए थे। उनका कहना है कि प्रशासन को इस आयोजन में जुटने वाली भीड़ की जानकारी पहले से होती है।
पिछले हादसे की याद
सरहिंद नहर में गणपति विसर्जन के दौरान पहले भी हादसे हो चुके हैं। 9 सितंबर 2022 को विसर्जन के दौरान उदय नामक युवक नहर में डूब गया था। करीब 43 घंटे की खोज के बाद NDRF और स्थानीय बचाव टीमों ने उसका शव बरामद किया था। इसके अलावा, 2024 में भी सरहिंद नहर में दो लोगों के डूबने की घटनाएं सामने आई थीं। हालांकि, उस समय दोनों लोग गर्मी से राहत पाने के लिए नहर में नहाने गए थे। वर्तमान हादसे में पुलिस और बचाव दल बच्चों की तलाश में जुटे हैं। बच्चों के बारे में अंतिम जानकारी सर्च ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही सामने आएगी।
