Newzfatafatlogo

मोहाली में फ्लैट खरीदने वालों को मिली राहत, बिल्डर पर लगा जुर्माना

न्यू चंडीगढ़ में फ्लैट खरीदने वाले एक उपभोक्ता को मोहाली जिला उपभोक्ता फोरम से महत्वपूर्ण राहत मिली है। फोरम ने बिल्डर कंपनी को समय पर कब्जा न देने के मामले में जिम्मेदार ठहराया और मुआवजे का आदेश दिया। शिकायतकर्ता ने 2022 में फ्लैट बुक किया था, लेकिन समय पर कब्जा नहीं मिला। फोरम ने बिल्डर को निर्देश दिया कि वह आवश्यक दस्तावेजों के साथ मुआवजा भी प्रदान करे। यह निर्णय उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
 | 

उपभोक्ता को मिली बड़ी राहत

न्यू चंडीगढ़ में फ्लैट खरीदने वाले एक ग्राहक को लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद महत्वपूर्ण राहत मिली है। मोहाली जिला उपभोक्ता फोरम ने समय पर फ्लैट का कब्जा न देने के मामले में बिल्डर कंपनी के खिलाफ निर्णय सुनाया है। फोरम ने यह माना कि कंपनी ने बिक्री समझौते की शर्तों का पालन नहीं किया, जिसके कारण खरीदार को आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। अब फोरम ने मुआवजे और अन्य राहत देने के निर्देश जारी किए हैं।


कब्जा नहीं मिलने से खरीदार की परेशानी

शिकायतकर्ता अरविंदर अरोड़ा ने 2022 में न्यू चंडीगढ़ की एक हाउसिंग परियोजना में 3 बीएचके फ्लैट बुक किया था। समझौते के अनुसार, उन्हें मार्च 2023 तक फ्लैट का कब्जा मिलना था। उन्होंने कुल कीमत में से 32 लाख रुपये भी जमा कर दिए, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ और कब्जा नहीं दिया गया।


बिल्डर की देरी से बढ़ी समस्याएं

शिकायतकर्ता ने फोरम को बताया कि बिल्डर लगातार नई तारीखें देकर कब्जा देने में देरी करता रहा। इस दौरान उन्हें अपने खर्च पर दूसरी जगह रहने की व्यवस्था करनी पड़ी। बाद में कंपनी ने अस्थायी आवास उपलब्ध कराया, लेकिन बिजली और अन्य खर्चों का ध्यान नहीं रखा। इसके अलावा, अनुबंध से अधिक राशि की मांग करने का भी आरोप लगाया गया।


फोरम ने बिल्डर को जिम्मेदार ठहराया

फोरम ने सभी दस्तावेजों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह निर्णय लिया कि तय समय पर फ्लैट का कब्जा देना बिल्डर की जिम्मेदारी थी। ऐसा न करना सेवा में कमी माना गया। फोरम ने स्पष्ट किया कि खरीदार केवल समझौते के अनुसार बची हुई 8.40 लाख रुपये की राशि ही देगा।


कब्जे के साथ जरूरी दस्तावेज भी देने होंगे

फोरम ने आदेश दिया कि शेष राशि मिलने के बाद कंपनी खरीदार को फ्लैट का कब्जा, आक्यूपेशन सर्टिफिकेट, कंप्लीशन सर्टिफिकेट और बिक्री विलेख उपलब्ध कराए। इसके साथ ही, 3 लाख रुपये मुआवजा और जमा राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।


वैकल्पिक आवास पर स्पष्ट आदेश

फोरम ने यह भी कहा कि जब तक खरीदार को वास्तविक कब्जा नहीं मिल जाता, तब तक बिल्डर द्वारा उपलब्ध कराया गया वैकल्पिक आवास वापस नहीं लिया जा सकता। यदि ऐसा किया जाता है, तो कंपनी को कब्जा मिलने तक जमा राशि पर निर्धारित ब्याज का भुगतान जारी रखना होगा। इस निर्णय को उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।