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लुधियाना में बस चोरी की अनोखी वारदात, चोरों ने की मास्टरमाइंडिंग

लुधियाना में एक चौंकाने वाली चोरी की घटना में चोरों ने एक टॉप मॉडल PRTC बस को चुरा लिया। यह घटना बस स्टैंड डिपो के सामने हुई, जहां चोरों ने बस को 21 किलोमीटर दूर ले जाकर ईंटों के सहारे खड़ा कर दिया। CCTV फुटेज में चोरों की गतिविधियों का पता चला है, जिसमें वे चोरी से पहले दो घंटे तक रेकी करते रहे। पुलिस अब फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। जानिए इस अनोखी चोरी की पूरी कहानी।
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लुधियाना में चोरों ने चुराई बस


लुधियाना में एक चौंकाने वाली चोरी की घटना ने PRTC के कर्मचारियों और स्थानीय पुलिस को चकित कर दिया है। चोरों ने बस स्टैंड डिपो के सामने स्थित पार्किंग से एक टॉप मॉडल PRTC बस चुरा ली। यह बात और भी हैरान करने वाली है कि चोर बस को शहर से लगभग 21 किलोमीटर दूर ले गए और वहां इसे ईंटों के सहारे खड़ा कर दिया।


चोरों ने बस से निकाले कीमती सामान

चोरों ने बस के टायर, बैटरियां और अन्य मूल्यवान सामान निकालकर फरार हो गए। पूरी घटना CCTV कैमरों में कैद हो गई है, और पुलिस अब फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के प्रयास में जुटी है।


रेकी के बाद हुई चोरी

बस के चालक के अनुसार, CCTV फुटेज में 28 अगस्त की रात लगभग 12:30 बजे एक बोलेरो पिकअप पार्किंग के पास दिखाई देती है, जिसमें 7 से 8 लोग सवार थे। चोरों ने तुरंत बस चुराने का प्रयास नहीं किया, बल्कि वे लगभग दो घंटे तक वहां मौजूद रहे और स्थिति का अवलोकन करते रहे। इसके बाद, रात करीब 2:20 बजे उन्होंने बस को पार्किंग से बाहर निकाल लिया। उस समय आसपास का माहौल काफी शांत था।


चोरी के बाद का घटनाक्रम

CCTV फुटेज में चोरी के बाद का दृश्य भी कैद हुआ है, जिसमें जगराओं पुल के पास एक ऑटो और स्कूटी बस के साथ दिखाई दे रहे हैं। फुटेज के अनुसार, स्कूटी बस के आगे चल रही थी, जिससे पुलिस को संदेह है कि चोरों ने बस को ले जाने के लिए पहले से योजना बनाई थी।


बस को बिना चाबी के स्टार्ट किया गया

जिस बस को चोरों ने निशाना बनाया, वह BS-VI Phase 2-6 टॉप मॉडल है। इस प्रकार के वाहन को बिना चाबी के सामान्य तरीके से स्टार्ट करना मुश्किल होता है। बस के चालक के अनुसार, चोरों ने स्टार्टिंग स्विच की तारों के साथ छेड़छाड़ कर बस को डायरेक्ट स्टार्ट किया। इससे यह संदेह होता है कि इस वारदात में ऐसे लोग शामिल हो सकते हैं, जिन्हें बस की वायरिंग और तकनीकी सिस्टम की जानकारी थी।


हालांकि, इस मामले में किसी व्यक्ति की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस CCTV और अन्य सबूतों के आधार पर जांच कर रही है।