खाद्य सुरक्षा विभाग ने चार ब्रांड के उत्पादों पर लगाई रोक
खाद्य उत्पादों की बिक्री पर अस्थायी रोक
खाद्य सुरक्षा विभाग ने हाल ही में की गई जांच के आधार पर चार विभिन्न ब्रांड के खाद्य उत्पादों की बिक्री पर अस्थायी रोक लगा दी है। इनमें दिल्ली में निर्मित कृष्णा ब्रांड का देशी घी, पंजाब के फाजिल्का में तैयार जीएस गोल्ड ब्रांड का लाल मिर्च पाउडर और राजस्थान में बने नंदी तथा गोल्डन थार ब्रांड का देशी घी शामिल हैं।
दिल्ली और पंजाब के उत्पादों पर कार्रवाई
विभाग के अनुसार, दिल्ली के सरनाथ औद्योगिक क्षेत्र में केडीपी फूड इंडस्ट्रीज द्वारा कृष्णा ब्रांड का देशी घी बनाया जाता है। इसी तरह, पंजाब के फाजिल्का में हिमाया फूड्स प्राइवेट लिमिटेड का जीएस गोल्ड ब्रांड का लाल मिर्च पाउडर भी इस कार्रवाई में शामिल है।
राजस्थान के उत्पादों पर भी रोक
जांच के परिणामस्वरूप, राजस्थान में निर्मित दो देशी घी ब्रांड पर भी रोक लगाई गई है। बालोतरा स्थित दिशा एंटरप्राइजेज का नंदी ब्रांड और बाडमेर की श्री सांवरिया इंडस्ट्रीज का गोल्डन थार ब्रांड का देशी घी दो महीने तक बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं होगा। विभाग का यह कदम उन खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए है जो गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं हैं।
जयपुर के प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन न करने के कारण जयपुर के नौ प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई की गई है। विद्याधर नगर के बालाजी जायका, कूकडखेड़ा के गणपति ड्राईफ्रूट्स और निर्माण नगर के फूड कैफे सहित इन प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। विभाग ने इन कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों के उल्लंघन के आधार पर यह कार्रवाई की है।
तीन कारोबारियों के लाइसेंस निरस्त
विभाग ने उन तीन कारोबारियों पर भी कड़ी कार्रवाई की है, जिन्होंने पहले असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री के मामले में लाइसेंस निलंबित होने के बावजूद अपना कारोबार जारी रखा। इनमें विद्याधर नगर का एमएस बालाजी जायका, कूकडखेड़ा का एमएस गणपति ड्राईफ्रूट्स और निर्माण नगर का द कंबू कैफे फूड एंड बेवरेजेज शामिल हैं। इन सभी के लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन को निरस्त कर दिया गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की लगातार कार्रवाई के चलते कारोबारियों में हलचल बढ़ गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी स्थिति में छूट नहीं दी जाएगी।
