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जयपुर स्कूल में छात्रा अमायरा की मौत: CCTV फुटेज से उठे नए सवाल

जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल में नौ साल की छात्रा अमायरा की मौत का मामला फिर से चर्चा में है। हाल ही में सामने आए CCTV फुटेज ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं। बच्ची के माता-पिता का आरोप है कि उनकी बेटी ने शिक्षिका से मदद मांगी, लेकिन उनकी समस्याओं को नजरअंदाज किया गया। परिवार अब भी जवाब की तलाश में है। इस मामले में स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था और शिक्षिकाओं की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। जानें इस मामले की पूरी कहानी और क्या हो रहा है जांच में।
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अमायरा की मौत का मामला फिर से सुर्खियों में


जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल में नौ वर्षीय छात्रा अमायरा की मृत्यु का मामला एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। हाल ही में जारी हुए CCTV फुटेज के आधार पर बच्ची के माता-पिता का कहना है कि फुटेज में उसकी अंतिम क्षणों की घटनाएं क्रमबद्ध तरीके से दिखाई गई हैं। उनका आरोप है कि बच्ची ने अपनी शिक्षिका से कई बार सहायता मांगी, लेकिन उसकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया गया। अमायरा के माता-पिता अब भी जवाब की तलाश में हैं।


CCTV फुटेज से नए सवाल उठे

अमायरा के माता-पिता का कहना है कि फुटेज में उनकी बेटी पहले सामान्य नजर आती है, लेकिन थोड़ी देर बाद उसका व्यवहार पूरी तरह बदल जाता है। वे बताते हैं कि बच्ची परेशान दिख रही थी और कई बार अपनी शिक्षिका के पास जाकर कुछ बताने की कोशिश कर रही थी। परिवार का मानना है कि इन घटनाओं की गहन जांच होनी चाहिए।


शिक्षिकाओं पर उठे सवाल

परिजनों का आरोप है कि अमायरा ने लगभग 25 मिनट के भीतर अपनी क्लास टीचर से कई बार बात की। उनका कहना है कि बच्ची लगातार मदद की गुहार लगा रही थी। माता-पिता ने बताया कि, 'वह अपने दोनों हाथों को सिर पर रखकर अपने कानों को ढक रही थी। अंततः रात 11:55 बजे वह अपनी शिक्षिका के पास गई।'


हालांकि, परिवार के अनुसार शिक्षिकाओं ने बताया कि अमायरा ने केवल सहपाठियों द्वारा परेशान किए जाने की शिकायत की थी।


बच्ची का व्यवहार अचानक बदला

परिवार का कहना है कि फुटेज में बच्ची स्कूल में खुश और ऊर्जावान दिख रही थी, लेकिन एक घंटे के भीतर उसका व्यवहार पूरी तरह बदल गया। स्कूल ने किसी भी गलती से इनकार किया है, लेकिन जांच अभी भी जारी है।


पहले भी हुई थीं शिकायतें

अमायरा की मां ने बताया कि पहले भी कुछ छात्रों के व्यवहार को लेकर स्कूल प्रशासन को लिखित शिकायत की गई थी। उनका कहना है कि हर बार आश्वासन मिला, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। परिवार का मानना है कि स्कूल को शिकायतों पर अधिक प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए थी।


सूचना में देरी पर सवाल

माता-पिता ने स्कूल की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि अमायरा दोपहर लगभग 12:28 बजे गिरी थी, लेकिन उन्हें इसकी सूचना 1:08 बजे मिली, यानी लगभग 40 मिनट बाद। फोन मिलने के 10 मिनट के भीतर ही वे अस्पताल पहुंचे।


उन्होंने कहा, 'जब हम पहुंचे तो हमारे साथ स्कूल का कोई प्रतिनिधि नहीं था। अमायरा की चोटें इतनी गंभीर थीं कि परिवार ने उसे केवल उसके बाएं पैर पर मौजूद तिल से पहचाना।'


जांच और सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान

इस घटना के बाद स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था भी चर्चा में है। पिछले वर्ष CBSE की निरीक्षण समिति ने छात्रों की सुरक्षा और शिकायत निवारण प्रणाली में कुछ कमियों का उल्लेख किया था। वर्तमान में जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही हैं और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण कर रही हैं।


परिवार को अब भी जवाब का इंतजार

अमायरा के माता-पिता का कहना है कि उनकी सबसे बड़ी मांग घटना के हर पहलू की निष्पक्ष जांच है। उनका कहना है कि वे जानना चाहते हैं कि उनकी बेटी के साथ उस दिन वास्तव में क्या हुआ और क्या समय पर हस्तक्षेप संभव था। मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है।