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तेजा दशमी पर राजस्थान के गांवों में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

तेजा दशमी के अवसर पर राजस्थान के नाहरपुरा, नांदला और पुरानी राजोसी गांवों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। भक्तों ने तेजाजी महाराज के मंदिरों में पूजा-अर्चना की और तांती बंधवाई। इस दिन विशेष धार्मिक आयोजन हुए, जिसमें खीर और चूरमा का भोग अर्पित किया गया। जानें इस धार्मिक उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं ने किस प्रकार से अपनी आस्था व्यक्त की।
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तेजा दशमी का धार्मिक उत्सव


तेजा दशमी के अवसर पर राजस्थान के नाहरपुरा, नांदला और पुरानी राजोसी गांवों में लोकदेवता तेजाजी महाराज के मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखी गई। सुबह से ही श्रद्धालु मंदिरों में दर्शन और पूजा के लिए पहुंचने लगे। उन्होंने तेजाजी महाराज की पूजा कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की और तांती बंधवाई।


विशेष धार्मिक आयोजन

नाहरपुरा स्थित तेजाजी मंदिर में इस दिन विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। भोपा मांगीलाल और पुजारी जीवराज ने श्रद्धालुओं को तांती बांधी। भक्तों ने विधिपूर्वक तेजाजी महाराज के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। मंदिर की व्यवस्थाओं में सेवक गंगाराम, गिरधारी और गोरधन लाल गुर्जर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सुबह से लेकर दिनभर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।


खीर-चूरमा का भोग

तेजाजी धाम पर भक्तों ने खीर और चूरमा का भोग अर्पित किया। श्रद्धालुओं ने लोकदेवता तेजाजी महाराज से अपने परिवार की खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर गौ भक्त भारू, रामकरण, सहदेव, श्रवण, जसराज, अर्जुन, संग्राम, श्रीकिशन और सत्यनारायण समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में उपस्थित रहे।


नांदला में धार्मिक कार्यक्रम

तेजा दशमी के मौके पर नांदला गांव में भी धार्मिक आयोजन किए गए। श्रद्धालुओं ने तेजाजी महाराज के मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की और प्रसाद चढ़ाया। इसके बाद भक्तों ने तांती बंधवाई और लोकदेवता का आशीर्वाद लिया।


पुरानी राजोसी से श्रद्धालुओं की भीड़

पुरानी राजोसी गांव से भी बड़ी संख्या में लोग तेजाजी महाराज के दर्शन के लिए आए। भागचंद, फिरोज खान, देवी सिंह, सल्ला सिंह, सीताराम, महेंद्र, पावणा और हरलाल सिंह सहित कई श्रद्धालुओं ने मंदिर में पूजा की। तेजा दशमी के अवसर पर तीनों गांवों में दिनभर धार्मिक और भक्तिमय माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना, प्रसाद और तांती बांधने की परंपरा का पालन किया।