राजस्थान के सरकारी स्कूलों में सुविधाओं की कमी पर CJP की चिंता
जयपुर में सरकारी स्कूलों की स्थिति पर सवाल
जयपुर: राजस्थान में सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर फिर से चिंताएं बढ़ गई हैं। रविवार को Cockroach Janata Party (CJP) ने जयपुर के शास्त्री नगर-बट्टा बस्ती क्षेत्र में दो सरकारी प्राथमिक स्कूलों का निरीक्षण किया। संगठन का आरोप है कि इन स्कूलों में बच्चों को आवश्यक शैक्षणिक सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। एक स्कूल का भवन वर्षों से बंद पड़ा है, जबकि दूसरा अस्थायी ढांचे में संचालित हो रहा है। CJP ने प्रशासन को सुधार के लिए सात दिन का समय दिया है, अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी है।
बंद स्कूल भवन की स्थिति
CJP के अनुसार, एक सरकारी प्राथमिक स्कूल का भवन तैयार है, लेकिन कई वर्षों से इसका उपयोग नहीं किया जा रहा है। इसके कारण आसपास के बच्चों को पढ़ाई के लिए दूर के स्कूलों में जाना पड़ता है। संगठन ने प्रशासन से इस बंद भवन को तुरंत खोलने की मांग की है, यह बताते हुए कि तैयार भवन के बावजूद बच्चों को इसका लाभ न मिलना शिक्षा व्यवस्था की गंभीर समस्या को दर्शाता है।
अस्थायी ढांचे में चल रहा दूसरा स्कूल
संगठन ने दूसरे सरकारी प्राथमिक स्कूल की स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की है। CJP का कहना है कि यह स्कूल अस्थायी ढांचे में चल रहा है, जो बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं है। संगठन ने कहा कि ऐसी स्थिति में बच्चों से पढ़ाई की उम्मीद नहीं की जा सकती और उन्होंने सुरक्षित भवन उपलब्ध कराने की मांग की है।
सात दिन में सुधार की मांग
CJP ने प्रशासन को दोनों स्कूलों की समस्याओं को हल करने के लिए सात दिन का समय दिया है। संगठन ने कहा कि इस अवधि में बंद स्कूल भवन को फिर से चालू किया जाए और दूसरे स्कूल में आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाएं। चेतावनी दी गई है कि यदि समय सीमा में समाधान नहीं हुआ, तो स्थानीय निवासियों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा।
बगरू में विवाद के बाद निरीक्षण
यह निरीक्षण उस समय हुआ है जब बगरू के एक सरकारी स्कूल में CJP सदस्यों पर कथित हमले का विवाद सामने आया था। इसके बाद संगठन ने सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर अपनी मुहिम तेज कर दी है। इस मामले में राजस्थान सरकार का वह निर्देश भी चर्चा में है, जिसमें सरकारी स्कूलों में अनधिकृत प्रवेश पर प्रतिबंध की बात कही गई है।
POCSO कानून का उल्लेख
सरकारी निर्देश में अनधिकृत प्रवेश से संबंधित मामलों में कानूनी कार्रवाई की संभावना का उल्लेख किया गया है। इसमें बच्चों की सुरक्षा और निजता से जुड़े POCSO कानून के प्रावधानों का भी जिक्र है। इस स्थिति में स्कूल परिसर में बाहरी लोगों की मौजूदगी को लेकर प्रशासन सतर्क है। दूसरी ओर, CJP का कहना है कि सरकारी स्कूलों की बुनियादी कमियों को दूर करना भी उतना ही आवश्यक है। अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है।
