राजस्थान नगर निकाय चुनाव में भाजपा की शानदार जीत
भाजपा ने कांग्रेस को पीछे छोड़ा
राजस्थान के हालिया नगर निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस को काफी पीछे छोड़ दिया है। राज्य की 309 शहरी स्थानीय निकाय सीटों के परिणामों में भाजपा ने 163 सीटों पर विजय प्राप्त की, जबकि कांग्रेस को 103 सीटें मिलीं। निर्दलीय उम्मीदवारों ने 43 सीटों पर जीत हासिल की। इन परिणामों के साथ, 10 नगर निगम, 47 नगर परिषद और 252 नगर पालिकाओं में नए गवर्निंग बोर्ड का गठन संभव हो गया है।
मतगणना और उम्मीदवारों की संख्या
राजस्थान में नगर निकाय चुनाव की मतगणना सुबह 8 बजे शुरू हुई। इस चुनाव में कुल 38,889 उम्मीदवारों ने भाग लिया, जिनमें भाजपा ने 9,290 और कांग्रेस ने 9,027 उम्मीदवार खड़े किए। निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या सबसे अधिक 18,732 रही। इसके अलावा, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के 948, आम आदमी पार्टी के 311, बहुजन समाज पार्टी के 298, सीपीआई (एम) के 185 और भारत आदिवासी पार्टी के 98 उम्मीदवारों ने भी चुनाव लड़ा।
भाजपा का प्रदर्शन
स्थानीय निकायों के संदर्भ में भाजपा का प्रदर्शन भी मजबूत दिखाई दिया। 10 नगर निगमों में भाजपा ने पांच, कांग्रेस ने चार और अन्य ने एक में बढ़त बनाई। 47 नगर परिषदों में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने 15-15 में बढ़त बनाई, जबकि पांच में अन्य उम्मीदवार आगे रहे। दो नगर परिषदों में किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला और 10 के परिणामों का इंतजार रहा। 252 नगर पालिकाओं में भाजपा ने 76, कांग्रेस ने 49 और अन्य ने 11 में बढ़त बनाई।
अजमेर और भीलवाड़ा में भाजपा की जीत
अजमेर नगर निगम में भाजपा ने नौ वार्डों में जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस को छह वार्ड मिले। भीलवाड़ा नगर निगम में भाजपा ने 10 और कांग्रेस ने दो वार्ड जीते। जयपुर नगर निगम में भी भाजपा ने 17 वार्डों पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस ने छह वार्डों में सफलता पाई।
झालावाड़ नगर परिषद में कांग्रेस की जीत
हालांकि, झालावाड़ नगर परिषद में कांग्रेस ने भाजपा को बड़ा झटका दिया। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के गढ़ माने जाने वाले झालावाड़ में कांग्रेस ने 45 में से 29 वार्ड जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। भाजपा को यहां 13 वार्ड मिले, जबकि दो निर्दलीय और एक आप उम्मीदवार भी चुनाव जीते।
मतदान प्रतिशत और भविष्य की संभावनाएं
राजस्थान में नगर निकाय चुनाव दो चरणों में 9 और 11 सितंबर को आयोजित किए गए थे। दोनों चरणों में कुल 73.56 प्रतिशत मतदान हुआ, जो पिछले शहरी स्थानीय निकाय चुनावों की तुलना में तीन प्रतिशत अधिक है। निर्दलीय उम्मीदवारों की बड़ी संख्या ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया।
इन परिणामों को मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 2023 के विधानसभा चुनाव में सत्ता में आने के बाद भाजपा ने शहरी क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास किया है। निकाय चुनाव के परिणाम पार्टी के लिए शहरी राजस्थान में संगठन और जनसमर्थन का महत्वपूर्ण संकेत हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस के लिए ये चुनाव विधानसभा चुनाव की हार के बाद अपने संगठनात्मक आधार को मजबूत दिखाने का अवसर थे। 103 सीटों की जीत से पार्टी को कुछ क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी बनाए रखने का संकेत मिला है।
