अतीक अहमद के बेटे अबान की अंतिम यात्रा: जेल से आए दो भाई, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रयागराज में अंतिम संस्कार की तैयारी
लखनऊ: प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में एक पारिवारिक अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पुलिस की कड़ी निगरानी में संपन्न होने जा रही है। माफिया अतीक अहमद के छोटे बेटे अबान अहमद की सड़क दुर्घटना में हुई दुखद मौत के बाद, जेल में बंद उनके दो बड़े भाई उमर और अली को जनाजे में शामिल होने की अनुमति मिली है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन्हें पैरोल पर रिहा किया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यह अनुमति केवल मानवीय आधार पर और सीमित समय के लिए है, जिसके बाद दोनों को वापस जेल भेजा जाएगा।
अदालत की सख्त शर्तें
अदालत की कड़ी शर्तें
जस्टिस अजय भानोट और जस्टिस दिवेश चंद्र सामंत की खंडपीठ ने उमर और अली की कस्टडी पैरोल को मंजूरी देते हुए सुरक्षा के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। मोहम्मद उमर को लखनऊ जेल से और अली को झांसी जेल से पुलिस अभिरक्षा में सीधे कब्रिस्तान लाया जाएगा।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस दौरान दोनों भाई किसी भी जनसभा को संबोधित नहीं करेंगे और न ही मीडिया से बातचीत करेंगे।
दुर्घटना का विवरण
झांसी में भीषण सड़क हादसा
यह मामला एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना से संबंधित है, जो बृहस्पतिवार को हुई। 21 वर्षीय अबान अहमद अपने दोस्तों के साथ झांसी जेल में अपने भाई अली से मिलने जा रहा था। इस दौरान उनकी तेज रफ्तार एसयूवी कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई और पलट गई।
अबान की असमय मौत
इस दुर्घटना में अबान और उसके 25 वर्षीय दोस्त सोनू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद प्रयागराज के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अतीक परिवार का दर्दनाक इतिहास
अतीक की कब्र के पास अबान की मजार
कसारी-मसारी कब्रिस्तान अतीक परिवार के लिए एक दुखद इतिहास समेटे हुए है। अबान की कब्र भी उसी स्थान पर बनाई गई है, जहां उसके पिता अतीक, चाचा अशरफ और भाई असद की कब्रें हैं। 15 अप्रैल 2023 को पुलिस कस्टडी में अतीक और अशरफ की हत्या कर दी गई थी, जबकि असद को एनकाउंटर में मारा गया था। अब परिवार के इस छोटे सदस्य की असमय मौत ने क्षेत्र में सुरक्षा बलों की तैनाती को और बढ़ा दिया है। उन्हें केवल अंतिम संस्कार कराने वाले मौलाना और अपने परिवार के कुछ सदस्यों से बात करने की अनुमति दी गई है।
