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अनाहत सिंह ने स्क्वैश में सिल्वर मेडल जीतकर रचा नया इतिहास

भारत की 18 वर्षीय स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने एशियन गेम्स में विमेंस सिंगल्स में सिल्वर मेडल जीतकर नया इतिहास रचा। हालांकि, उन्हें फाइनल में मलेशिया की चैंपियन से हार का सामना करना पड़ा, जिससे वह ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने का मौका भी गंवा बैठीं। जानें इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बारे में और क्या कहा अनाहत ने।
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अनाहत सिंह की ऐतिहासिक उपलब्धि

नागोया - भारत की 18 वर्षीय स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने रविवार को विमेंस सिंगल्स में सिल्वर मेडल हासिल किया। इस उपलब्धि के साथ, अनाहत भारत की पहली विमेंस सिंगल्स सिल्वर मेडलिस्ट बन गईं। हालांकि, फाइनल में उन्हें मलेशिया की मौजूदा चैंपियन शिवसंगरी सुब्रमण्यम के खिलाफ 4-11, 4-11, 7-11 से हार का सामना करना पड़ा।


इस हार के साथ, अनाहत ने ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी गंवा दिया, क्योंकि सिंगल्स इवेंट के विजेता को 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक के लिए कोटा मिलना तय था, जहां स्क्वैश पहली बार शामिल हो रहा है।


नागोया किंजो फुतो एरिना में अनाहत का मुकाबला मलेशिया की अनुभवी खिलाड़ी से था। पहले गेम में उन्होंने 4-11 से हार का सामना किया। इसके बाद, मलेशियाई खिलाड़ी ने अपने मजबूत अटैक और डिफेंस के साथ अगले दो गेम में भी दबदबा बनाए रखा। अनाहत को कोई खास मौका नहीं मिला और वह दूसरे गेम में भी 4-11 से हार गईं, जबकि मौजूदा चैंपियन ने तीसरा गेम 11-7 से जीता।


यह उल्लेखनीय है कि अनाहत ने सेमीफाइनल में वर्ल्ड नंबर 6 सतोमी वातानाबे को हराकर फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय बनीं। इससे पहले, भारत के अभय सिंह को भी सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा था। मलेशिया के मौजूदा चैंपियन ईन यो एनजी ने मेंस सिंगल्स स्क्वैश फाइनल में अभय को 11-9, 11-5, 11-5 से हराया।


रविवार को यह स्क्वैश में भारत का दूसरा पदक था। अभय, सौरव घोषाल के बाद इस इवेंट में सिल्वर मेडल जीतने वाले दूसरे भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने। हालांकि, फाइनल में हारने के कारण अभय भी एलए 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने से चूक गए।