अरविंद केजरीवाल का पीएम आवास तक मार्च: ई-20 पेट्रोल के खिलाफ उठाई आवाज
नई दिल्ली में केजरीवाल का विरोध प्रदर्शन
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने ई-20 पेट्रोल के खिलाफ जन समर्थन जुटाने के लिए मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि वह दोपहर 12 बजे 100 समर्थकों के साथ 'आप' मुख्यालय से निकलेंगे। केजरीवाल ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री उनसे मिलेंगे और उनकी चिंताओं को सुनेंगे।
ई-20 के खिलाफ याचिका पर जोर
केजरीवाल ने कहा कि केवल कुछ दिनों में 2,33,238 लोगों ने ई-20 के खिलाफ प्रधानमंत्री के नाम याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने एक महीने पहले पीएम से मिलने का समय मांगा था, लेकिन अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ट्रंप के दबाव में भारत पर इथेनॉल थोपने की कोशिश की जा रही है, जिसमें अगले 5 वर्षों में 20 बिलियन डॉलर का इथेनॉल खरीदने की योजना है।
केंद्र सरकार पर आरोप
ई-20 को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना
सोमवार को 'आप' मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में केजरीवाल ने कहा कि एथेनॉल के मुद्दे पर जनता में भारी असंतोष है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार बिना किसी तर्क के एथेनॉल को जनता पर थोप रही है, जिससे लोगों की गाड़ियों की माइलेज घट रही है और वाहन खराब हो रहे हैं।
ट्रंप के दबाव का आरोप
ट्रंप के दबाव में एथेनॉल आयात का लगाया आरोप
केजरीवाल ने कहा कि यह आरोप लगाया जा रहा है कि ट्रंप के दबाव में मोदी सरकार झुक रही है। उन्होंने कहा कि ट्रंप भारत में अपने देश का एथेनॉल थोपना चाहते हैं, और अगले 5 वर्षों में मोदी सरकार 20 बिलियन डॉलर का एथेनॉल खरीदने की योजना बना रही है।
टाउन हॉल कार्यक्रम की सफलता
ई-20 टाउन हॉल कार्यक्रम का किया जिक्र
केजरीवाल ने बताया कि हाल ही में आयोजित ई-20 के खिलाफ टाउन हॉल कार्यक्रम बहुत सफल रहा, जिसमें लगभग 7 लाख लोगों ने लाइव भाग लिया। यह दर्शाता है कि लोग ई-20 से कितने चिंतित हैं।
पीएम से मिलने की अपील
ऑनलाइन याचिका और पीएम से मिलने की अपील
केजरीवाल ने कहा कि मंगलवार को वह 100 लोगों के साथ प्रधानमंत्री को ऑनलाइन याचिका सौंपने जाएंगे। उनका उद्देश्य है कि वे व्यक्तिगत रूप से पीएम से मिलकर एथेनॉल के खिलाफ अपनी चिंताओं को साझा करें।
