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आगरा में 16 वर्षीय छात्र और उसकी शिक्षिका का रहस्यमय लापता होना: क्या है सच?

उत्तर प्रदेश के आगरा में एक 16 वर्षीय छात्र और उसकी 38 वर्षीय शिक्षिका के लापता होने की घटना ने सभी को चौंका दिया। 4 अगस्त को छात्र के गायब होने के बाद, पुलिस ने तकनीकी निगरानी और सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से उनकी खोज की। दोनों को अंततः सुरक्षित बरामद किया गया। शिक्षिका ने बताया कि छात्र के तनाव के कारण उन्होंने उसे अपने साथ लिया। जानें इस रहस्यमय मामले की पूरी कहानी और इसके पीछे की सच्चाई।
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लखनऊ: आगरा में लापता छात्र और शिक्षिका की कहानी


लखनऊ: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में एक 16 वर्षीय छात्र और उसकी 38 वर्षीय ट्यूशन शिक्षिका के अचानक गायब होने की घटना ने पुलिस और स्थानीय समुदाय को कई दिनों तक परेशान किया। 4 अगस्त को छात्र जब घर से निकला, तो उसके लापता होने की खबर ने परिवार को चिंतित कर दिया। इस बीच, यह भी पता चला कि उसकी शिक्षिका भी अपने घर से गायब हैं। दोनों के एक साथ लापता होने से मामला गंभीर हो गया। पुलिस ने तुरंत तकनीकी निगरानी, कॉल डिटेल और सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से उनकी खोज शुरू की और अंततः छात्र को नोएडा तथा शिक्षिका को मथुरा से सुरक्षित बरामद कर लिया।


ताजगंज से शुरू हुई अनसुलझी कहानी

आगरा के ताजगंज थाना क्षेत्र में 11वीं कक्षा का छात्र अपनी शिक्षिका के साथ गायब हो गया। छात्र 4 अगस्त को स्कूल प्रोजेक्ट के लिए घर से 3,000 रुपये लेकर निकला था और रास्ते में अपनी साइकिल एक दोस्त के घर छोड़ दी। जब वह देर तक घर नहीं लौटा, तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू की और पता चला कि शिक्षिका भी घर पर नहीं हैं। इसके बाद छात्र के परिवार ने अपहरण का मामला दर्ज कराया, जबकि शिक्षिका के पति ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की।


आगरा कैंट स्टेशन के सीसीटीवी ने खोला राज

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिपोर्ट की जांच की। इस जांच में पता चला कि छात्र और शिक्षिका के बीच लंबे समय से बातचीत हो रही थी। इसके बाद पुलिस ने शहर के प्रमुख मार्गों और रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन की फुटेज में दोनों को एक साथ ट्रेन में सवार होते देखा गया। इस फुटेज ने पुलिस की जांच को एक दिशा दी। तकनीकी जांच से पता चला कि दोनों पहले ग्वालियर पहुंचे और फिर राजस्थान के कैलादेवी मंदिर गए। कुछ समय साथ बिताने के बाद, वे अलग-अलग शहरों की ओर बढ़ गए। अंततः पुलिस ने छात्र को नोएडा और शिक्षिका को मथुरा से सुरक्षित बरामद किया।


पूछताछ में शिक्षिका का दावा

पुलिस पूछताछ के दौरान शिक्षिका ने छात्र के साथ घर छोड़ने के पीछे एक अलग कहानी बताई। उन्होंने कहा कि छात्र पढ़ाई के तनाव में था और कई बार उनके पास आकर रोता था। 4 अगस्त को छात्र ने आत्महत्या करने की बात कही, जिसे सुनकर शिक्षिका घबरा गईं और उसे बचाने के लिए अपने साथ ले गईं। शिक्षिका ने बताया कि बाद में उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ, लेकिन सामाजिक बदनामी के डर से वे वापस लौटने की हिम्मत नहीं जुटा पाईं। पुलिस ने दोनों के बयान दर्ज कर उन्हें परिवार के पास भेज दिया है। परिवार ने राहत की सांस लेते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई से इनकार कर दिया है।