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आबान अहमद की सड़क दुर्घटना का वायरल वीडियो: क्या है सच?

आबान अहमद की सड़क दुर्घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें तेज रफ्तार कार के अनियंत्रित होने का दृश्य है। यह घटना एक हफ्ते पहले हुई थी, जब आबान अपने भाई से मिलने झांसी गया था। वीडियो में कार की गति और दुर्घटना के समय को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। जानें इस घटना की पूरी कहानी और इसके पीछे की सच्चाई।
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लखनऊ में हुई दुर्घटना का वीडियो


लखनऊ: माफिया अतीक अहमद के छोटे बेटे आबान अहमद की सड़क दुर्घटना में मौत के एक हफ्ते बाद, इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। इस क्लिप में एक तेज रफ्तार कार सड़क पर बने गड्ढे में गिरने के बाद अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराती हुई दिखाई दे रही है।


कार की गति का अनुमान

वीडियो में कितनी है कार की रफ्तार 


सोशल मीडिया पर चल रहे दावों के अनुसार, हादसे के समय कार की गति लगभग 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे थी। वीडियो में देखा जा सकता है कि कार पहले गड्ढे में गिरती है और फिर उसका संतुलन बिगड़ जाता है। कुछ ही क्षणों में, कार डिवाइडर से टकराकर कई फीट ऊपर उछल जाती है और फिर सड़क पर गिरती है।


घटना का समय और रिकॉर्डिंग

कब रिकार्ड की गई ये घटना 


यह घटना आबान के पीछे चल रही एक कार के डैशकैम में कैद हुई थी। वायरल वीडियो में लगभग 19वें सेकंड पर कार पलटती हुई दिखाई देती है। इसके बाद कुछ सेकंड तक कार के रुकने या बाईं ओर जाने का कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिलता, जिससे वीडियो की टाइमिंग और घटनाक्रम पर सवाल उठ रहे हैं।


भाई से मिलने के लिए झांसी गए थे आबान

भाई से मिलने झांसी गया था आबान


आबान अहमद 6 अगस्त को अपने बड़े भाई अली अहमद से मिलने झांसी जेल गए थे। उनके साथ दोस्त सोनू, उमर अहमद, मोहम्मद जैद और फारुक अहजम भी थे। भाई से मिलने के बाद, जब वे वापस लौट रहे थे, तब झांसी-कानपुर नेशनल हाईवे पर पूंछ थाना क्षेत्र के खिल्ली गांव के पास उनकी क्रेटा कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई।


दुर्घटना में हुई मौत

मौके पर ही हुई मौत 


इस घटना के बाद यह सामने आया कि हादसे में आबान और सोनू की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि उमर, मोहम्मद जैद और फारुक गंभीर रूप से घायल हुए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आबान के शरीर पर कई गंभीर चोटों का उल्लेख किया गया था। 9 अगस्त को, आबान को प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में उसके पिता अतीक अहमद और भाई की कब्र के पास दफनाया गया। अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जेल में बंद उसके भाइयों को भी पैरोल मिली थी।