ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर खामेनेई का अंतिम संस्कार, भावुक क्षणों का सामना
अंतिम विदाई का समारोह
नई दिल्ली: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई का अंतिम संस्कार तेहरान में आयोजित किया गया। इस अवसर पर विश्वभर से ईरान के वरिष्ठ अधिकारी, विदेशी गणमान्य व्यक्ति और उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए। विदाई समारोह के दौरान ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची की आंखों में आंसू आ गए।
सुरक्षा इंतजाम
फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, तेहरान के गवर्नर मोहम्मद सादेग मोटामेडियन ने बताया कि इस समारोह के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने कहा, “शहीद नेता की विदाई और सेंड-ऑफ सेरेमनी में हम उच्चतम स्तर की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।”
समारोह की समय-सारणी
गवर्नर ने बताया कि तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला प्रेयर ग्राउंड्स के गेट स्थानीय समयानुसार सुबह 6 बजे खुलेंगे। शोक मनाने वालों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना उसी अनुसार बनाएं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर गेट खुलने का समय बढ़ाया जा सकता है।
बगदाद में सुरक्षा उपाय
फार्स न्यूज ने आगे बताया कि बगदाद के अधिकारियों ने अंतिम संस्कार के जुलूस को सुगम बनाने के लिए शहर को बंद करने का निर्णय लिया है। यह जानकारी बगदाद के गवर्नर अतवान अल-अतवानी ने दी।
भारत की उपस्थिति
अंतिम संस्कार में भारत की ओर से विदेश राज्य मंत्री पवित्रा मार्गेरिटा और बिहार के गवर्नर लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन शामिल हुए। भारत में ईरान के दूतावास ने सोशल मीडिया पर लिखा, “भारतीय गणमान्य लोगों ने ईरान के शहीद नेता अयातुल्लाह सैय्यद अली खामेनेई को श्रद्धांजलि दी।”
रूस का प्रतिनिधिमंडल
रूस ने भी इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेजा है। रूसी विदेश मंत्रालय के अनुसार, सुरक्षा परिषद के डिप्टी चेयरमैन दिमित्री मेदवेदेव अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए तेहरान पहुंचे।
राजनीतिक नेतृत्व की उपस्थिति
ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर प्रेस टीवी ने बताया कि तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला प्रेयर ग्राउंड्स में इस विदाई समारोह में देश के शीर्ष राजनीतिक और न्यायिक नेतृत्व ने भाग लिया। इसमें राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ, न्याय प्रमुख गुलाम-होसैन मोहसेनी एजेई और एक्सपीडिएंसी काउंसिल के चेयरमैन अयातुल्लाह सादेग अमोली लारीजानी शामिल थे।
