उज्जैन में महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़: भगदड़ की अफवाहों ने मचाई हलचल
महाकालेश्वर मंदिर में उमड़ी भीड़
नई दिल्ली: सावन के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के अवसर पर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। भगवान महाकाल के दर्शन के साथ-साथ नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट भी खोले गए थे। इसी दौरान हरसिद्धि मंदिर के पास करंट फैलने की अफवाह ने श्रद्धालुओं में घबराहट पैदा कर दी, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।
भगदड़ की स्थिति का कारण
जानकारी के अनुसार, नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए लगी कतार के दौरान हरसिद्धि मंदिर चौराहे के पास करंट फैलने की अफवाह तेजी से फैल गई। जैसे ही श्रद्धालुओं ने यह सुना, वे घबरा गए और इधर-उधर जाने लगे। इस दौरान कुछ लोग गिर पड़े और कुछ बैरिकेडिंग से टकरा गए। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और परिजनों ने लोगों को भीड़ से बाहर निकालने का प्रयास किया। कुछ श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ने और बेहोश होने की भी खबरें आई हैं। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, इस घटना में लगभग 13 श्रद्धालु घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
उज्जैन में लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति
सावन के तीसरे सोमवार पर महाकाल के दर्शन के लिए सुबह से ही मंदिर परिसर में भारी भीड़ थी। नागचंद्रेश्वर मंदिर साल में केवल एक बार खुलता है, इसलिए इसके दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन आए। इसके अलावा, नागपंचमी और महाकाल की सवारी भी इसी दिन होने के कारण भीड़ और बढ़ गई। मंदिर समिति के अनुसार, अब तक लगभग 6.19 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। विभिन्न रास्तों पर लंबी कतारें लगी रहीं, लेकिन श्रद्धालुओं की सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए थे।
भगदड़ की अफवाहों का खंडन
घटना के बाद सोशल मीडिया और कुछ मीडिया प्लेटफॉर्म पर मंदिर में भगदड़ और अव्यवस्था की खबरें आईं। महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने इन दावों का खंडन किया है। समिति का कहना है कि श्रद्धालुओं की भारी संख्या के कारण कुछ स्थानों पर भीड़ का दबाव बढ़ा, लेकिन मंदिर में किसी बड़ी भगदड़ की स्थिति नहीं बनी।
नीलकंठ द्वार के पास कुछ श्रद्धालुओं के बैरिकेडिंग पार करने की भी जानकारी मिली है। समिति ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि करें। श्रद्धालुओं को केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर भरोसा करने की सलाह दी गई है।
