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उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव: तीन सपा विधायक भाजपा में शामिल

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है, जब समाजवादी पार्टी के तीन बागी विधायक भाजपा में शामिल हो गए। राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी ने भाजपा का दामन थाम लिया है, जिससे राजनीतिक समीकरणों में बदलाव आ सकता है। राकेश ने अपने क्षेत्र के लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 98 प्रतिशत सपा के समर्थक भाजपा में शामिल होंगे। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की कहानी और इसके संभावित प्रभाव।
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राजनीतिक उलटफेर की नई कहानी


नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश की राजनीतिक स्थिति में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है। समाजवादी पार्टी के तीन बागी विधायक बुधवार को औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं। पहले जो दूरी केवल बयानों में नजर आती थी, अब वह कागज पर भी स्पष्ट हो गई है। भाजपा में शामिल होने वाले विधायकों में अमेठी के गौरीगंज से राकेश प्रताप सिंह, अयोध्या के गोसाईगंज से अभय सिंह और जालौन के कालपी से विनोद चतुर्वेदी शामिल हैं।


इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरपाल मौर्य और मंत्री दारा सिंह चौहान जैसे कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। कार्यक्रम गौरीगंज में राकेश प्रताप सिंह के आवास के सामने केसरिया रंग में सजे मैदान में आयोजित किया गया, जिसमें हजारों समर्थक शामिल हुए।


राकेश प्रताप सिंह का बयान

एएनआई से बातचीत में राकेश प्रताप सिंह ने अपने क्षेत्र के लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लोगों ने उनसे भाजपा में शामिल होने का अनुरोध किया था और भरोसा दिलाया कि वे उनके साथ हैं। उनका दावा है कि जो लोग अपने बूथ को जीतने या हारने की क्षमता रखते हैं, उनमें से लगभग 98 प्रतिशत सपा छोड़कर भाजपा में शामिल होंगे। राकेश ने यह भी बताया कि उनके साथ विनोद चतुर्वेदी और अभय सिंह भाजपा में आ रहे हैं। उनका कहना है कि लगभग 1000 जनप्रतिनिधि और पूर्व जनप्रतिनिधि भी पार्टी में शामिल होंगे, जबकि मंच पर लगभग एक दर्जन विधायक मौजूद रहेंगे।


समाजवादी पार्टी से बढ़ती दूरियां

राकेश प्रताप सिंह तीन बार समाजवादी पार्टी के टिकट पर विधायक चुने गए हैं। लेकिन पिछले तीन वर्षों में उनकी पार्टी से दूरी बढ़ती गई। स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा रामचरितमानस और अन्य धार्मिक विषयों पर की गई टिप्पणियों के विरोध में राकेश ने एक कथा मंच से अपनी बात रखी थी, जिसके बाद से सपा नेतृत्व के साथ उनके रिश्तों में खटास आ गई। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी के पक्ष में प्रचार किया। चुनाव से पहले उनके परिवार के कुछ अन्य सदस्य भी भाजपा में शामिल हो चुके थे।


राकेश प्रताप सिंह ने गौरीगंज से अयोध्या के राम मंदिर तक पदयात्रा भी निकाली थी। इन घटनाओं के बीच पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में सपा ने उन्हें निष्कासित कर दिया था। अब भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा कि वे राष्ट्र और राम के लिए भाजपा के साथ खड़े हैं।