उत्तर प्रदेश में बारिश का अलर्ट: अगले 48 घंटे में मौसम में बदलाव
मौसम में बदलाव की चेतावनी
मौसम विभाग की रिपोर्ट - उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में मौसम में बदलाव आ रहा है। हालिया पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर प्रदेश के निवासियों को अगले कुछ दिनों तक बारिश से राहत नहीं मिलेगी। अगले 48 घंटों में मौसम फिर से बदलने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 6 अक्टूबर को एक पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की संभावना है।
अगले दिनों में बारिश की संभावना
IMD ने पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 6 से 9 अक्टूबर के बीच हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान लगाया है। इस दौरान कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।
6 अक्टूबर को बारिश का अलर्ट
6 अक्टूबर 2026 को बारिश की संभावना -
मौसम विभाग ने 6 अक्टूबर को पश्चिमी और पूर्वी यूपी के कुछ हिस्सों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई स्थानों पर तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की भी आशंका है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के मऊ, गाजीपुर, आजमगढ़ और बलिया में भारी बारिश होने की संभावना है। वाराणसी, बांदा, प्रयागराज समेत कई जिलों में तेज हवाओं और वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा मेरठ, गाजियाबाद, गोरखपुर, लखनऊ, बरेली समेत अन्य क्षेत्रों में भी बारिश की संभावना है।
अगले 48 घंटे में मौसम की स्थिति
उत्तर प्रदेश में अगले 48 घंटे -
मौसम विभाग के अनुसार, 7 और 8 अक्टूबर तक उत्तर प्रदेश में मौसम में बदलाव जारी रहेगा। पश्चिमी और पूर्वी यूपी के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान कई जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। गाजीपुर, आजमगढ़, प्रयागराज, वाराणसी, मऊ, बलिया, मेरठ, गाजियाबाद, आगरा, कानपुर, गोरखपुर, लखनऊ और बरेली समेत कई क्षेत्रों में बारिश की संभावना है। 9 अक्टूबर से मौसम में धीरे-धीरे सुधार होगा। इस दिन हल्की बारिश या बौछारें हो सकती हैं, जबकि 10 अक्टूबर को पश्चिमी यूपी में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
सावधानी बरतने की सलाह
मौसम विभाग की सलाह -
IMD ने तेज हवाओं और भारी बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। निचले क्षेत्रों में भारी बारिश से अंडरपास में पानी भर सकता है, और नदियों तथा नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। ऐसे में कच्चे मकानों को नुकसान हो सकता है और सड़कों पर फिसलन के कारण दृश्यता कम हो सकती है। खराब मौसम के चलते सावधान रहें।
