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उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर दो गंभीर मामले: बरेली और मुजफ्फरनगर की घटनाएं

उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर दो गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। बरेली में एक दलित युवती के साथ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है, जबकि मुजफ्फरनगर में डेढ़ साल की बच्ची के साथ दरिंदगी करने वाले आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। जानें इन मामलों की पूरी जानकारी और कानूनी कार्रवाई के बारे में।
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महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर कानूनी कार्रवाइयां


लखनऊ: उत्तर प्रदेश के दो अलग-अलग जिलों से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से संबंधित गंभीर कानूनी घटनाएं सामने आई हैं। बरेली के नवाबगंज में एक दलित युवती के साथ दुष्कर्म के मामले में एक प्रभावशाली राइस मिलर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं, मुजफ्फरनगर की पॉक्सो अदालत ने डेढ़ साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है।


नौकरी के नाम पर गेस्ट हाउस में दुष्कर्म


बरेली जिले के नवाबगंज थाने में राइस मिल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पीड़िता, जो पड़ोसी जिले पीलीभीत की रहने वाली है, का आरोप है कि आरोपी ने उसे फोन पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था।


नशीला पदार्थ पिलाने का आरोप


आरोपी ने उसे कस्बे के एक गेस्ट हाउस में बुलाया, जहां उसे नशीला पेय पिलाकर बेहोश कर दिया गया और उसके साथ दुष्कर्म किया गया। इस दौरान आरोपी ने उसके आपत्तिजनक फोटो और वीडियो भी बनाए।


धमकी और दबाव का मामला


पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने फोटो वायरल करने की धमकी देकर उसे दोबारा मिलने के लिए मजबूर किया। उसने यह भी कहा कि उसके नाम के बोर्ड थाने में लगे हैं और उसकी प्रशासनिक पहुंच है। पुलिस ने गेस्ट हाउस के कर्मचारियों से पूछताछ की, जिसमें एक कर्मचारी ने आरोपी और युवती के वहां आने की पुष्टि की। शुक्रवार को पुलिस ने आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। क्षेत्राधिकारी ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पीड़िता का डॉक्टरी परीक्षण कराया जा रहा है।


मुजफ्फरनगर में बच्ची के साथ दरिंदगी


दूसरी ओर, मुजफ्फरनगर की विशेष पॉक्सो अदालत ने डेढ़ साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में आरोपी रिश्ते के मामा टिंकू उर्फ पिंकू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 2 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है, जो पीड़िता के इलाज और पुनर्वास के लिए दिया जाएगा। यह मामला खतौली थाना क्षेत्र का है, जहां आरोपी ने 12 मार्च को बच्ची को बिस्कुट दिलाने के बहाने ले जाकर उसके साथ दरिंदगी की। अदालत ने महज 21 दिनों में निष्पक्ष सुनवाई पूरी कर ऐतिहासिक फैसला सुनाया।