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एनसीबी ने नशे के कारोबारियों पर किया बड़ा हमला, 25 संपत्तियां फ्रीज

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने नशे के कारोबारियों पर एक महत्वपूर्ण आर्थिक प्रहार करते हुए 20 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 25 संपत्तियों को फ्रीज किया है। यह कार्रवाई नशे के अवैध व्यापार को रोकने की दिशा में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। एनसीबी ने नशा तस्करी के खिलाफ हेल्पलाइन नंबर 1933 भी जारी किया है, जिससे लोग सूचना दे सकते हैं। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और एनसीबी की कार्रवाई के बारे में।
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नई दिल्ली में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई


नई दिल्ली: नशे के अवैध व्यापार से करोड़ों की संपत्ति बनाने वाले गिरोहों पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने एक महत्वपूर्ण आर्थिक कार्रवाई की है। दवाओं के माध्यम से नशे का साम्राज्य चलाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह की 25 संपत्तियों को, जिनकी कुल कीमत 20 करोड़ 10 लाख रुपये से अधिक है, फ्रीज करने का आदेश दिया गया है। यह कदम नशे के कारोबारियों की आर्थिक गतिविधियों को कमजोर करने की दिशा में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।


एनसीबी की संपत्तियों पर कार्रवाई

एनसीबी की चंडीगढ़ जोनल इकाई के अनुसार, 2 अक्टूबर 2026 को जारी संपत्ति फ्रीज करने का आदेश 30 अक्टूबर को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68एफ(2) के तहत मान्यता प्राप्त हुआ। इन संपत्तियों में औद्योगिक भूखंड, व्यावसायिक परिसर, दुकानें और आवासीय फ्लैट शामिल हैं। मोहाली, पंजाब सहित विभिन्न स्थानों पर स्थित इन संपत्तियों को अब बिना अनुमति के बेचा या हस्तांतरित नहीं किया जा सकेगा।


नशा तस्करी की सूचना देने के लिए हेल्पलाइन

इस मामले की शुरुआत 7 फरवरी 2025 को अमृतसर में ट्रामाडोल की पांच हजार गोलियों की बरामदगी से हुई थी। जांच के दौरान उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश तक फैले दवा तस्करी के नेटवर्क का खुलासा हुआ। अब तक लगभग 34 लाख मनःप्रभावी गोलियां, 10.57 लाख कोडीनयुक्त कफ सिरप की बोतलें, 50 हजार ट्रामाडोल इंजेक्शन, पांच हजार मिडाजोलम शीशियां और करीब 2200 किलोग्राम नशीला पाउडर बरामद किया गया है। इस मामले में 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और सात राज्यों में नेटवर्क की पहचान की गई है। एनसीबी के अनुसार, तीन आरोपी, कोनिक गोयल, मैनिक गोयल और परशोत्तम लाल गोयल, फरार हैं। उनकी अग्रिम जमानत याचिकाएं सर्वोच्च न्यायालय द्वारा खारिज की जा चुकी हैं। नशा तस्करी की सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1933 पर संपर्क करें। सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।