ओडिशा में सहायक कार्यकारी इंजीनियर की संपत्ति की जांच: करोड़ों की संपत्ति का खुलासा
सतर्कता विभाग की कार्रवाई में बड़ा खुलासा
नई दिल्ली: ओडिशा में सतर्कता विभाग ने एक सहायक कार्यकारी इंजीनियर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्रवाई की है। कंधमाल जिले के बालीगुडा में तैनात बैकुंठनाथ बेहरा के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान करोड़ों रुपये की नकदी और संपत्तियों का पता चला है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि बेहरा ने 1999 में जूनियर इंजीनियर के रूप में सरकारी सेवा में कदम रखा था, जब उनकी मासिक सैलरी लगभग 6 हजार रुपये थी।
छापेमारी की विस्तृत जानकारी
विजिलेंस विभाग को बेहरा के खिलाफ उनकी वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायतें मिली थीं। इसके बाद भुवनेश्वर के विशेष सतर्कता न्यायाधीश द्वारा जारी तलाशी वारंट के आधार पर अधिकारियों ने एक साथ नौ स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई भुवनेश्वर, बारीपदा, जाजपुर जिले के धर्मशाला क्षेत्र और बालीगुडा में की गई।
2 Crore cash stashed in Bank lockers, 5 Multi-Storey bldgs (4 in #Bhubaneswar) (17850 Sqft),13 Plots (7 in BBSR), etc. unearthed so far during searches on Sri Baikuntha Nath Behera, Asst Executive Engr, #ITDA, Baliguda, #Kandhamal. He joined service in 1999 as JE @ Rs 6000/- pm. pic.twitter.com/I80zkPtVJm
— Odisha Vigilance (@OdishaVigilance) June 6, 2026
आलीशान संपत्तियों का खुलासा
जांच के दौरान अधिकारियों को भुवनेश्वर में कई आलीशान इमारतों और मकानों की जानकारी मिली है। इनमें नीलाद्रि विहार में चार मंजिला भवन, शैलाश्री विहार में तीन मंजिला मकान और कानन विहार फेज-1 में दो मंजिला आवास शामिल हैं। इसके अलावा 13 भूखंडों की पहचान भी की गई है, जिनमें से कई राजधानी भुवनेश्वर के प्रमुख इलाकों में स्थित हैं।
बैंक लॉकरों से मिली बड़ी राशि
सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब बेहरा और उनके परिवार के बैंक लॉकरों की जांच की गई। इस दौरान अधिकारियों ने लगभग 2 करोड़ रुपये नकद बरामद किए। इससे पहले उनके घर से भी लगभग 2.66 लाख रुपये नकद जब्त किए गए थे। इसके अलावा सोने-चांदी के आभूषणों, बैंक जमा, डाक बचत योजनाओं और अन्य निवेशों का मूल्यांकन अभी जारी है।
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, बेहरा के रिश्तेदारों के घरों, कार्यालयों और सरकारी आवास पर भी तलाशी अभियान जारी है। विभाग का कहना है कि सभी संपत्तियों और वित्तीय दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़े और भी महत्वपूर्ण खुलासे सामने आ सकते हैं।
