केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: पंजाब के किसानों को मिलेगी राहत
पंजाब में 18 लाख मीट्रिक टन अनाज का पुराना स्टॉक उठाने की योजना
केंद्र सरकार ने पंजाब के किसानों के लिए राहत भरी घोषणा की है। यदि यह योजना सफल होती है, तो यह न केवल राज्य सरकार के लिए, बल्कि लाखों किसानों के लिए भी फायदेमंद साबित होगी। केंद्र ने पंजाब की मंडियों में 18 लाख मीट्रिक टन पुराना अनाज 20 सितंबर तक उठाने की सहमति दी है, जिससे धान की नई फसल के लिए भंडारण की जगह उपलब्ध होगी।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी और केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने धान की खरीद और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं।
भंडारण की उचित व्यवस्था आवश्यक
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष पंजाब में 170 लाख मीट्रिक टन चावल की उपलब्धता की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि उचित भंडारण स्थान और खरीद प्रबंध सुनिश्चित करना न केवल किसानों के लिए, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने केंद्रीय खाद्य मंत्री से 18 लाख मीट्रिक टन चावल तुरंत उठाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि खरीफ विपणन सीजन 2025-26 के लिए उचित भंडारण स्थान बनाना आवश्यक है। हालांकि, फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) के पास जगह की कमी है, लेकिन राज्य की खरीद एजेंसियों ने अब तक 86 लाख मीट्रिक टन चावल उपलब्ध करवा दिया है।
धान की बंपर फसल की उम्मीद
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय खाद्य मंत्री को आगामी खरीद सीजन के लिए पंजाब सरकार की तैयारियों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत के परिणामस्वरूप इस वर्ष 180 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की उम्मीद है।
