कोलकाता हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: ममता बनर्जी की चुनाव याचिका पर सुनवाई शुरू
कोलकाता में ममता बनर्जी की चुनाव याचिका पर सुनवाई
कोलकाता: कलकत्ता हाई कोर्ट ने मंगलवार को ममता बनर्जी द्वारा दायर चुनाव याचिका पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया। कोर्ट ने भवानीपुर विधानसभा चुनाव के परिणामों को चुनौती देने वाली याचिका को स्वीकार कर लिया, जहां ममता बनर्जी को बीजेपी के सुवेंदु अधिकारी के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।
चुनाव आयोग को सख्त निर्देश
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जस्टिस गौरंग कांत की एकल पीठ ने चुनाव आयोग के रिटर्निंग ऑफिसर को आदेश दिया कि भवानीपुर क्षेत्र से संबंधित सभी EVM, VVPAT मशीनें और मतगणना केंद्र के CCTV फुटेज को सुरक्षित रखा जाए।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि 4 मई को हुई मतगणना से संबंधित किसी भी इलेक्ट्रॉनिक या भौतिक सबूत को बिना अनुमति नष्ट नहीं किया जा सकता। बेंच ने यह भी कहा कि ममता बनर्जी का इस मामले में लोकस स्टैंडी है, क्योंकि वे स्वयं उस सीट से उम्मीदवार और मतदाता थीं।
ममता बनर्जी ने मतगणना में गड़बड़ी का आरोप लगाया
सुनवाई के दौरान, ममता बनर्जी के वकील कल्याण बनर्जी ने मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि 12वें राउंड तक ममता 7800 वोटों से आगे थीं।
हालांकि, 13वें राउंड में सुवेंदु अधिकारी मतगणना हॉल में आए और हंगामा किया, जिसके कारण गिनती में अचानक बदलाव आया। वकील ने कहा कि CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने से सच्चाई सामने आएगी।
रिटर्निंग ऑफिसर पर उठे सवाल
याचिकाकर्ता के वकील ने रिटर्निंग ऑफिसर पर पक्षपात का आरोप लगाया, यह कहते हुए कि जिस अधिकारी की नियुक्ति भवानीपुर में हुई थी, उसने 2021 में नंदीग्राम चुनाव के दौरान भी विवादास्पद भूमिका निभाई थी।
इस पर जस्टिस कांत ने कहा कि उनके बड़े भाई बीजेपी के प्रवक्ता हैं, इसलिए यदि याचिकाकर्ता चाहे तो मामला दूसरी बेंच में भेजा जा सकता है। लेकिन ममता ने कहा कि उन्हें जज पर पूरा भरोसा है।
अगली सुनवाई की तारीख
कोर्ट ने सभी पक्षों को नोटिस भेजने का आदेश दिया है और मामले की अगली सुनवाई तीन हफ्ते बाद निर्धारित की गई है। ममता बनर्जी ने अपनी याचिका में सुवेंदु अधिकारी पर रिश्वतखोरी, अनुचित प्रभाव और वोटों की गिनती में हेरफेर का आरोप लगाया है। भवानीपुर चुनाव में ममता बनर्जी 15,105 वोटों से हार गई थीं। अब कोर्ट के इस आदेश के बाद मामला फिर से चर्चा में आ गया है।
