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क्या आप जानते हैं साइबर ठगी और नशे के खतरों से कैसे बचें? जानें इस जागरूकता कार्यक्रम से

पूर्वी जिला पुलिस ने महाराजा अग्रसेन कॉलेज में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें विद्यार्थियों को साइबर ठगी और नशे के खतरों से बचने के लिए महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने युवाओं को डिजिटल सुरक्षा के उपायों और नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताया। कार्यक्रम में नशा मुक्ति और स्वच्छता के प्रति भी जागरूकता बढ़ाई गई। जानें इस कार्यक्रम के मुख्य बिंदुओं के बारे में।
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नई दिल्ली में नशा और साइबर सुरक्षा पर जागरूकता कार्यक्रम


नई दिल्ली: क्लिक करने से पहले सोचें, लालच से बचें और नशे से दूर रहें, क्योंकि एक छोटी सी चूक भविष्य पर भारी पड़ सकती है। इसी संदेश के साथ पूर्वी जिला पुलिस ने महाराजा अग्रसेन कॉलेज, न्यू अशोक नगर में विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए नशा जागरूकता एवं साइबर सुरक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने युवाओं को बदलते साइबर अपराधों से सतर्क रहने और नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने का संदेश दिया।


कार्यक्रम में विशेष पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था जोन-1, देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा और नशे के दुष्प्रभावों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में तकनीक जितनी सुविधाजनक है, उतनी ही सावधानी की भी आवश्यकता है। साइबर अपराधी नए तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए जागरूकता सबसे बड़ा बचाव है।


डिजिटल गिरफ्तारी के नाम पर ठगी का खेल


कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तार से बताया गया। पुलिस अधिकारियों ने डिजिटल गिरफ्तारी, ऑनलाइन निवेश के नाम पर ठगी, फर्जी केवाईसी, ओटीपी धोखाधड़ी, फिशिंग और पहचान की चोरी जैसे मामलों से सावधान रहने की अपील की। छात्रों को समझाया गया कि अनजान व्यक्तियों के साथ ओटीपी, बैंक संबंधी जानकारी, पासवर्ड या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या जल्दबाजी में ऑनलाइन भुगतान करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना आवश्यक है। पुलिस ने विद्यार्थियों को यह भी बताया कि साइबर अपराधी अक्सर डर, लालच और जल्दबाजी का उपयोग करके लोगों को निशाना बनाते हैं। इसलिए "डरो मत, रुको और जांचो" की आदत डिजिटल सुरक्षा की पहली सीढ़ी है।


नशा छोड़ें, सपनों से जुड़ें


कार्यक्रम में युवाओं को नशे के घातक प्रभावों के प्रति भी जागरूक किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसकी पढ़ाई, परिवार, सामाजिक जीवन और भविष्य के लक्ष्यों पर भी गंभीर असर डाल सकता है। विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे नशे से दूर रहें और अपने साथियों को भी इसके खिलाफ जागरूक करें। कार्यक्रम के दौरान साइबर सुरक्षा और नशा मुक्ति से संबंधित जागरूकता वीडियो भी प्रदर्शित किए गए, जिनके माध्यम से विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन में सामने आने वाले खतरों और उनसे बचाव के तरीकों को समझाया गया।


स्वच्छता का संकल्प, जिम्मेदारी का संदेश


कार्यक्रम में 'स्वच्छता ही सेवा-2026' के तहत शपथ भी दिलाई गई। विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों ने स्वच्छता, जिम्मेदार नागरिक व्यवहार और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में पूर्वी रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त मिलिंद महादेव डुंबरे, पूर्वी जिले के पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार, आईपीएस, उत्तर-पूर्वी जिले के पुलिस उपायुक्त राहुल अलवाल, तथा महाराजा अग्रसेन कॉलेज के प्राचार्य संजीव कुमार तिवारी सहित सहायक पुलिस आयुक्त थाना प्रभारी और पूर्वी जिले के अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। इस कार्यक्रम के माध्यम से पुलिस ने युवाओं को स्पष्ट संदेश दिया कि साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता और नशे के खिलाफ मजबूत संकल्प ही सुरक्षित भविष्य की नींव है।