क्या है फिल्म 'हनुमान अंश' का महत्व? जानें गांधी स्मृति में हुए सम्मान समारोह की खास बातें
फिल्म 'हनुमान अंश' का विशेष सम्मान
नई दिल्ली: जब सिनेमा की कहानी दर्शकों की आस्था और भारतीय सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ती है, तो उसका प्रभाव और भी गहरा हो जाता है। राजधानी के ऐतिहासिक गांधी स्मृति भवन में फिल्म 'हनुमान अंश' की पूरी टीम को विशेष सम्मान दिया गया। इस समारोह में शिरडी साईं बाबा फाउंडेशन के संस्थापक औषिम खेरतपाल ने फिल्म के कलाकारों, निर्माता और निर्देशक को 'साइटेशन ऑफ ऑनर' से नवाजा।
संयुक्त आयोजन का महत्व
शिरडी साईं बाबा फाउंडेशन और गांधी स्मृति के सहयोग से आयोजित समारोह
यह कार्यक्रम शिरडी साईं बाबा फाउंडेशन और गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के संयुक्त तत्वावधान में हुआ, जिसमें सिनेमा के माध्यम से आध्यात्मिक चेतना और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को उजागर करने के प्रयासों को सराहा गया। इस अवसर पर गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के उपाध्यक्ष विजय गोयल, शिरडी लोकसभा क्षेत्र के सांसद भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे, औषिम खेरतपाल और साईं बाबा पीस अवॉर्ड्स की अंतरराष्ट्रीय रणनीतिकार संजना जॉन भी उपस्थित थे।
टीम की सराहना
औषिम खेरतपाल ने की टीम की प्रशंसा
सम्मान समारोह में 'हनुमान अंश' के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी, मुख्य अभिनेता शोभिनव सत्य, बाल कलाकार विहान शेगड़े, जिन्होंने फिल्म में 14 वर्षीय बाबा की भूमिका निभाई है, और निर्माता नम्रता और रागिनी सोना समेत फिल्म की पूरी टीम ने भाग लिया। औषिम खेरतपाल ने कहा कि लगभग 26 वर्ष पहले उन्होंने शिरडी साईं बाबा के जीवन पर एक फिल्म बनाई थी, जिसका उद्देश्य उनके संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना था। उन्होंने बताया कि 'हनुमान अंश' की टीम ने भी एक ऐसा विषय प्रस्तुत किया है जो लोगों को आध्यात्मिकता और धार्मिक चेतना से जोड़ता है।
फिल्म की भूमिका पर चर्चा
विजय गोयल ने की सराहना
विजय गोयल ने कहा कि 'हनुमान अंश' जैसी फिल्में भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं और धार्मिक चेतना को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। गांधी स्मृति जैसे ऐतिहासिक स्थल पर फिल्म की पूरी टीम का सम्मान इस अवसर को और भी खास बनाता है। समारोह के अंत में औषिम खेरतपाल ने पूरी टीम को बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
