क्या है रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत का रहस्य? साधु-संतों ने सीबीआई जांच की मांग की
रसिक दुलारी शरण की मौत पर उठे सवाल
वृंदावन: संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी, जिन्हें रसिक दुलारी शरण के नाम से जाना जाता है, की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने विवाद खड़ा कर दिया है। साधु-संतों ने इस मामले की गहन जांच की मांग करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से हस्तक्षेप की अपील की है। दिनेश फलाहारी महाराज ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीबीआई जांच की मांग की है, यह कहते हुए कि मामले में कई ऐसे पहलू हैं जिनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
रसिक दुलारी शरण वाराह घाट क्षेत्र में गुरु कृपा कुंज की चार मंजिला इमारत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। प्रारंभिक जांच में पुलिस आत्महत्या की संभावना जता रही है, लेकिन हत्या के पहलुओं को भी ध्यान में रखा जा रहा है।
मामले में सबसे बड़ा सवाल मृतक के शरीर पर पाए गए चोटों और निजी अंग से संबंधित परिस्थितियों को लेकर है। रिपोर्टों के अनुसार, मृतक का निजी अंग कटा हुआ पाया गया और उसके कमरे में खून लगे ग्राइंडर की भी जानकारी मिली है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यह चोट घटना से पहले लगी थी, चौथी मंजिल से गिरने के दौरान या उसके बाद। पुलिस की जांच और फोरेंसिक साक्ष्यों से ही इस मामले की सच्चाई सामने आएगी।
दिनेश फलाहारी महाराज और अन्य साधु-संतों का मानना है कि इन परिस्थितियों को देखते हुए मामले की जांच किसी स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी द्वारा कराई जानी चाहिए। उन्होंने आशंका जताई है कि रसिक दुलारी शरण को निजी अंग काटने के बाद चौथी मंजिल से फेंका गया हो सकता है। हालांकि, यह केवल आरोप और आशंका है, जिसकी पुष्टि पुलिस जांच में होना बाकी है। पुलिस ने अभी तक हत्या की पुष्टि नहीं की है।
