खान सर के मामले में पटना कोर्ट में नया मोड़: 30 जून को होगी अंतिम बहस
पटना में खान सर के केस की सुनवाई
पटना: बिहार में चर्चित खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक फैजल खान, जिन्हें खान सर के नाम से जाना जाता है, के मामले में शनिवार को पटना सिविल कोर्ट में महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुआ। अदालत के आदेश पर कदमकुआं थाना पुलिस ने मामले की अद्यतन केस डायरी पेश की। इसके बाद कोर्ट ने जमानत याचिकाओं पर अंतिम बहस के लिए 30 जून की तारीख निर्धारित की है। इस बीच, अदालत ने खान सर को मिली अंतरिम राहत को भी जारी रखा है।
सुनवाई के दौरान, पुलिस ने अदालत में एक नई और पूरी तरह अद्यतन केस डायरी प्रस्तुत की। इससे पहले पेश की गई केस डायरी को अधूरा माना गया था। अदालत ने जांच एजेंसी को विस्तृत और अद्यतन रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया था। नई केस डायरी दाखिल होने के बाद, अदालत ने इसे रिकॉर्ड में लिया और दोनों पक्षों को अध्ययन करने का अवसर दिया। अगली सुनवाई की तारीख भी तय कर दी गई है।
बचाव पक्ष ने अध्ययन के लिए समय मांगा
सुनवाई के दौरान, रौशन आनंद की ओर से उपस्थित अधिवक्ता सत्यम झा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि पहले पुलिस द्वारा पेश की गई केस डायरी में केवल 19 तारीख तक की जानकारी थी। अब जांच अधिकारी ने पूरी तरह अद्यतन दस्तावेज अदालत में प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि नई केस डायरी में कई अतिरिक्त जानकारियां शामिल हैं। ऐसे में बचाव पक्ष ने अदालत से दस्तावेजों का विस्तार से अध्ययन करने के लिए समय देने की मांग की। अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए दोनों पक्षों को तीन दिन का समय दिया।
खान सर को मिली राहत
सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने फैजल खान की गिरफ्तारी पर लगी अंतरिम रोक को 30 जून तक जारी रखने का निर्णय लिया। इससे उन्हें फिलहाल बड़ी राहत मिली है। खान सर की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद कुमार महुआ ने बताया कि अदालत में केवल फैजल खान ही नहीं, बल्कि उनके संस्थान से जुड़े कुछ अन्य कर्मचारियों और सहयोगियों की अग्रिम जमानत और नियमित जमानत याचिकाओं पर भी सुनवाई चल रही है।
30 जून को होगी अंतिम बहस
वरिष्ठ वकील के अनुसार, चूंकि अद्यतन केस डायरी शनिवार सुबह ही अदालत में दाखिल की गई है, इसलिए दोनों पक्षों को उसके अध्ययन का समय दिया गया है। अब 30 जून को अदालत में इस मामले पर विस्तार से अंतिम बहस होगी। माना जा रहा है कि अगली सुनवाई के दौरान पुलिस की जांच, केस डायरी में दर्ज तथ्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर अदालत महत्वपूर्ण फैसला ले सकती है। इसलिए इस हाई-प्रोफाइल मामले पर अब सभी की नजरें 30 जून की सुनवाई पर टिकी हुई हैं।
