गुवाहाटी में मेथामफेटामाइन तस्करी: तीन दोषियों को मिली 15 साल की सजा
गुवाहाटी में नशीले पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
नई दिल्ली/गुवाहाटी: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अपनी मुहिम में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। गुवाहाटी के खानापाड़ा क्षेत्र में 2020 में पकड़े गए 2.146 किलोग्राम मेथामफेटामाइन की गोलियों के मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उन्हें 15-15 वर्ष की कठोर सजा सुनाई है।
दोषियों को मिली कठोर सजा
इस मामले में शकील खान, याहिया खान और मिथिलेश कुमार को विशेष एनडीपीएस अदालत ने दोषी पाया। ये सभी मणिपुर और बिहार के निवासी हैं और इन्हें मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में 15 वर्ष की कठोर सजा दी गई है।
खानापाड़ा में हुई थी बड़ी बरामदगी
यह मामला अक्टूबर 2020 का है, जब एनसीबी ने गुवाहाटी के खानापाड़ा क्षेत्र में मेथामफेटामाइन की 2.146 किलोग्राम गोलियां बरामद की थीं। इस बरामदगी के बाद जांच शुरू हुई और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अब अदालत ने उन्हें दोषी मानते हुए सजा सुनाई है। यह फैसला नशीले पदार्थों के कारोबार में शामिल लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है। एनसीबी ने कहा है कि मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क पर कार्रवाई जारी रहेगी।
गोपनीयता के साथ करें सूचना
एनसीबी ने आम जनता से अपील की है कि यदि उन्हें मादक पदार्थों की तस्करी या बिक्री के बारे में कोई जानकारी मिले, तो वे इसे मानस हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1933 पर सूचित करें। एजेंसी ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी।
