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चंडीगढ़ में मुफ्त पेट्रोल का वादा: भीड़ में बारिश का असर और विवाद

चंडीगढ़ में एक अनोखे 'पेट्रोल लंगर' का आयोजन किया गया, जहां भारी बारिश के बावजूद सैकड़ों लोग मुफ्त पेट्रोल के वादे पर पहुंचे। हालांकि, उन्हें बिना कूपन के लौटना पड़ा। इस लंगर के पीछे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर राकेश त्रेहान का हाथ है, जिन्होंने पहले भी दान किए हैं। लेकिन क्या यह दान है या पब्लिसिटी स्टंट? जानें पूरी कहानी।
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चंडीगढ़ में अनोखा 'पेट्रोल लंगर'


चंडीगढ़: महंगाई के इस दौर में मुफ्त पेट्रोल का वादा सुनकर लोग आकर्षित हुए। चंडीगढ़ में एक अनोखे 'पेट्रोल लंगर' का आयोजन किया गया था, जिसके तहत 18 अगस्त को सेक्टर 10 के एक फ्यूल स्टेशन पर भारी बारिश के बावजूद सैकड़ों लोग छाता और रेनकोट पहनकर पहुंचे, लेकिन उन्हें बिना पेट्रोल के लौटना पड़ा।


बारिश ने किया इंतजार लंबा

इस योजना के अनुसार, दो-पहिया और तीन-पहिया वाहनों के लिए 500 रुपये और चार-पहिया वाहनों के लिए 1000 रुपये के पेट्रोल कूपन दिए जाने थे। लोग सुबह से ही लाइन में खड़े थे, लेकिन चंडीगढ़ में तेज बारिश और जलभराव ने स्थिति को बिगाड़ दिया।


एक युवक ने बताया, "मैं भारी बारिश में यहां आया, दो घंटे से इंतजार कर रहा हूं, लेकिन कोई कूपन नहीं मिला। अब कहा जा रहा है कि शुक्रवार को मिलेगा।" रिपोर्ट के अनुसार, भीड़ तो बहुत थी, लेकिन एक भी कूपन नहीं बांटा गया। कुछ लोग बिना गाड़ी के भी बड़े-बड़े डब्बे लेकर आए थे।


इस लंगर के पीछे कौन है?

इस अनोखे आइडिया के पीछे अमृतसर के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर राकेश त्रेहान हैं, जिन्हें 'राजा डी किंग' के नाम से जाना जाता है। त्रेहान ने कहा कि वह अपने पिता की संपत्ति का 90% और अपनी 90% संपत्ति दान करना चाहते हैं। इससे पहले उन्होंने लोगों में खाना और 500-500 रुपये के नोट बांटे हैं और अब उनका अगला प्रोजेक्ट 'iPhone लंगर' होगा।


आलोचना के बाद, त्रेहान ने कहा कि लंगर रद्द नहीं हुआ है, बल्कि इसे टाला गया है। उन्होंने कहा, "सौ फीसदी लंगर होगा। मेरी टीम वहां पहुंची थी, लेकिन बारिश के कारण इसे रोकना पड़ा।"


उन्होंने यह भी कहा कि बिना गाड़ी वालों को उन्होंने मना किया था, क्योंकि कुछ लोग पेट्रोल लेकर उसे आगे बेचने की कोशिश कर सकते थे। अब उन्होंने वादा किया है कि 21 अगस्त से तीन दिन तक लगातार पेट्रोल लंगर चलाया जाएगा।


दान या पब्लिसिटी स्टंट?

लंगर की परंपरा सिख धर्म से जुड़ी है, जहां सभी को बिना भेदभाव मुफ्त भोजन दिया जाता है। पंजाब में अब यह आइडिया चाय, पानी, दवाई से लेकर ईंधन तक पहुंच गया है। लेकिन इस पेट्रोल लंगर पर सवाल उठ रहे हैं।


चंडीगढ़ के पत्रकार रिशु राज सिंह ने X पर लिखा, "नेताओं ने लोगों को हर चीज मुफ्त पाने का आदी बना दिया है। लोग सच में बारिश में खड़े होकर मुफ्त पेट्रोल का इंतजार कर रहे थे। हम क्या बनते जा रहे हैं?" हरियाणा की रितु जून ने भी सवाल उठाया, "क्या ये दान है या पब्लिसिटी शो?"