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चंपत राय की सक्रियता: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के बाद तीर्थ यात्री सेवा केंद्र पहुंचे

अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा चोरी मामले के बाद चंपत राय ने तीर्थ यात्री सेवा केंद्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुनने का आश्वासन दिया। चंपत राय की वापसी और नए महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि की नियुक्ति के बाद तीन कर्मचारियों की बहाली भी हुई है। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की कहानी और चंपत राय की सक्रियता के बारे में।
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चंपत राय की वापसी


लखनऊ: अयोध्या के राम मंदिर से संबंधित चढ़ावे की चोरी के मामले के बाद चंपत राय एक बार फिर सक्रिय दिखाई दिए हैं। लंबे समय के बाद, वह तीर्थ यात्री सेवा केंद्र पहुंचे और वहां कार्यरत कर्मचारियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों का हालचाल लिया और कहा कि यदि किसी प्रकार की समस्या हो, तो उन्हें सूचित किया जाए। उनके साथ पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा भी उपस्थित थे।


सेवा केंद्र में बिताया समय

करीब एक घंटे तक सेवा केंद्र में रहे


सूत्रों के अनुसार, चंपत राय ने तीर्थ यात्री सेवा केंद्र में लगभग एक घंटे बिताया। उन्होंने कर्मचारियों से बातचीत की और वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उनका यह दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में नए पूर्णकालिक महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि की नियुक्ति भी हो चुकी है।


चोरी मामले का दबाव

चोरी मामले के बाद बढ़ा था दबाव


राम मंदिर में दान और चढ़ावे से संबंधित चोरी का मामला जून में सामने आया था। इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई और एसआईटी की जांच में चोरी की पुष्टि हुई। इस घटना ने मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। इसी दौरान चंपत राय पर भी दबाव बढ़ा, जिसके चलते उन्होंने महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया।


कर्मचारियों की बहाली

तीन कर्मचारियों की भी हुई वापसी


इस बीच, राम मंदिर की व्यवस्थाओं से पहले हटाए गए तीन कर्मचारियों की भी वापसी हुई है। संदीप गुप्ता, केडी तिवारी और बजरंग पाठक को उनके पुराने दायित्वों के साथ बहाल किया गया है। संदीप गुप्ता को एक विदेशी महिला की शिकायत के बाद लॉकर व्यवस्था से हटाया गया था। वहीं, केडी तिवारी और बजरंग पाठक को अलग-अलग शिकायतों के बाद मंदिर की व्यवस्थाओं से बाहर किया गया था।


नए महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि के कार्यभार संभालने के बाद तीनों की बहाली का निर्णय लिया गया। अब चंपत राय के दोबारा सेवा केंद्र पहुंचने और कर्मचारियों से बातचीत को लेकर मंदिर ट्रस्ट से जुड़े घटनाक्रम पर लोगों की नजरें हैं।