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जयपुर नगर निगम चुनाव: बीजेपी ने 75 वार्डों में जीती बढ़त, कांग्रेस को मिली 50 सीटें

जयपुर में नगर निगम चुनाव के परिणामों ने बीजेपी को 75 वार्डों में जीत दिलाई है, जबकि कांग्रेस ने 50 सीटें हासिल की हैं। इस चुनाव में 24.23 लाख मतदाताओं ने भाग लिया और मतदान प्रतिशत 63.55 रहा। अब मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। जानें इस चुनाव के दिलचस्प पहलुओं और प्रमुख पार्टियों के प्रदर्शन के बारे में।
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जयपुर में नगर निगम चुनाव के नतीजों का खुलासा


जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में नगर निगम चुनाव के परिणाम अब स्पष्ट हो चुके हैं। 11 सितंबर को हुए मतदान के बाद मतगणना में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने शुरुआत से ही अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखी, जिससे यह साबित हुआ कि उनका निकाय स्तर पर प्रभाव बना हुआ है। इस चुनाव में जयपुर के 150 वार्डों के लिए कुल 723 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई, जिसके परिणामों पर पूरे शहर की नजरें थीं। राज्य चुनाव आयोग ने चरणबद्ध तरीके से नतीजों की घोषणा की है।


प्रमुख पार्टियों का प्रदर्शन

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, 139 वार्डों के परिणाम घोषित किए जा चुके हैं। बीजेपी ने 75 वार्डों में जीत हासिल की है, जबकि कांग्रेस को 50 सीटें मिली हैं। इसके अलावा, 14 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। जयपुर नगर निगम क्षेत्र में बीजेपी ने 69, कांग्रेस ने 50 और अन्य प्रत्याशियों ने 11 वार्डों में सफलता पाई है।


वार्डों का दिलचस्प मुकाबला

इस चुनाव में लगभग 24.23 लाख मतदाताओं ने अपने वार्ड प्रतिनिधियों का चयन किया। चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए शहर में 2,256 मतदान केंद्र स्थापित किए गए थे, जिनमें से 652 को संवेदनशील घोषित किया गया। मतदान में कुल 63.55 प्रतिशत वोटिंग हुई। लैंगिक समानता को ध्यान में रखते हुए 150 वार्डों में से 50 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित थे। चुनावी समीकरणों में 16 वार्डों में बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला, जबकि 4 वार्डों में 10 से अधिक उम्मीदवारों के बीच कड़ी टक्कर रही।


मेयर चुनाव की तैयारी

वार्ड पार्षदों के परिणामों के स्पष्ट होने के बाद, अब जयपुर में मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हैं। मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट और शांति व्यवस्था के अनुपालन के तहत विजयी उम्मीदवारों को जीत का जश्न मनाने या विजय जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी गई है। प्रशासन ने नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।