Newzfatafatlogo

जयपुर में मोमोज विक्रेता युवती की दर्दनाक घटना: सीएम का काफिला गुजरता रहा

जयपुर में एक मोमोज विक्रेता युवती की दर्दनाक घटना ने सबका ध्यान खींचा है। सीएम भजन लाल शर्मा के काफिले के गुजरने के दौरान युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है, जबकि राजनीतिक विवाद भी बढ़ गया है। जानें इस घटना के सभी पहलुओं के बारे में।
 | 

जयपुर मोमोज विक्रेता युवती का वीडियो


जयपुर में मोमोज विक्रेता की एक नई वीडियो क्लिप सामने आई है, जिसने इस मामले में नया मोड़ ला दिया है। वायरल फुटेज में एक युवती सड़क पर दर्द में तड़पती हुई नजर आ रही है, जबकि राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा का काफिला वहां से गुजर रहा है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद, पुलिस विभाग ने एक कांस्टेबल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की है।


घटना का विवरण

यह घटना 19 जून को जयपुर के जगतपुरा क्षेत्र में महल रोड पर हुई, जब मुख्यमंत्री का आधिकारिक काफिला वहां से गुजर रहा था। आरोप है कि पुलिस ने VIP काफिले के लिए रास्ता साफ करते समय एक मोमोज के ठेले को धक्का दे दिया।


जयपुर में मोमोज विक्रेता युवती की दर्दनाक घटना: सीएम का काफिला गुजरता रहा


कहा जा रहा है कि इस टक्कर के कारण उबलते पानी से भरा एक कंटेनर पलट गया, जिससे विक्रेता रेशु गुप्ता गंभीर रूप से घायल हो गईं। उनके हाथ, सीने, पेट और जांघों पर गंभीर जलन हुई।


मदद में देरी

जयपुर में मोमोज विक्रेता युवती की दर्दनाक घटना: सीएम का काफिला गुजरता रहा


इस घटना की आलोचना तब हुई जब यह आरोप लगा कि मौके पर मौजूद अधिकारियों ने घायल महिला की मदद करने के बजाय VIP रास्ता साफ रखने पर ध्यान केंद्रित किया। जब दर्द सहन से बाहर हो गया, तो पीड़िता ने सड़क पर लेटकर विरोध किया, जिससे आसपास के लोगों का ध्यान उसकी ओर गया।


पुलिस की कार्रवाई

नए वायरल वीडियो के बाद, जयपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। ट्रैफिक DCP योगेश गोयल ने एक कांस्टेबल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया, और उसे आगे की कार्रवाई तक पुलिस लाइन में स्थानांतरित कर दिया गया।


राजनीतिक विवाद

इस घटना ने राजनीतिक विवाद को भी जन्म दिया है। विपक्ष के नेता टीका राम जूली ने पीड़िता के घर जाकर राज्य सरकार की आलोचना की और आरोप लगाया कि VIP मूवमेंट के नाम पर आम नागरिकों की अनदेखी की जा रही है।


उन्होंने जिम्मेदार पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और पीड़िता और उसके परिवार के लिए न्याय की अपील की। वायरल वीडियो ने VIP सुरक्षा व्यवस्था पर बहस को फिर से शुरू कर दिया है और यह सवाल उठाया है कि क्या हाई-प्रोफाइल मूवमेंट के दौरान आम लोगों को दी जाने वाली इमरजेंसी मदद से समझौता किया जा रहा है।