झारखंड में राज्यसभा चुनाव: भाजपा ने उम्मीदवार चयन में तेज की गतिविधियां
राज्यसभा चुनाव की तैयारी में भाजपा
रांची: झारखंड में एक राज्यसभा सीट के लिए चुनाव की तैयारियों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तेजी लाने का निर्णय लिया है। पार्टी ने पहले ही अपने उम्मीदवार को चुनावी मैदान में उतारने का मन बना लिया है और अब प्रत्याशी के नाम को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है। उम्मीद जताई जा रही है कि गुरुवार को भाजपा अपने उम्मीदवार का नाम घोषित कर सकती है।
दिल्ली में चल रही चर्चा
सूत्रों के अनुसार, नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेता राज्यसभा उम्मीदवार के चयन पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। भाजपा ने संभावित नामों की एक विस्तृत सूची केंद्रीय नेतृत्व को भेजी है, जिसमें लगभग 13 नेताओं के नाम शामिल हैं। अब इनमें से तीन नामों को अंतिम चरण के लिए चुना गया है।
तीन संभावित उम्मीदवार कौन हैं?
भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष के साथ हुई बैठक में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और संगठन मंत्री कर्मवीर सिंह ने तीन नामों पर सहमति बनाई है। चर्चा में वर्तमान राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश का नाम भी है, जिनका कार्यकाल समाप्त होने वाला है। इसके अलावा झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और रांची की पूर्व मेयर आशा लकड़ा के नाम भी शामिल हैं।
अंतिम निर्णय किसके हाथ में?
हालांकि, अंतिम निर्णय केंद्रीय नेतृत्व के पास है। राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि भाजपा शीर्ष नेतृत्व प्रदेश इकाई द्वारा भेजे गए नामों के अलावा किसी अन्य चेहरे को भी मैदान में उतार सकता है। इस कारण सभी की नजरें दिल्ली में होने वाले निर्णय पर टिकी हुई हैं।
भाजपा केवल उम्मीदवारों के चयन तक सीमित नहीं है, बल्कि जीत की रणनीति पर भी काम कर रही है। पार्टी के रणनीतिकार झामुमो गठबंधन के कुछ विधायकों का समर्थन प्राप्त करने की संभावनाओं पर भी विचार कर रहे हैं। यही कारण है कि चुनावी गणित को अपने पक्ष में करने के लिए विभिन्न स्तरों पर संपर्क और संवाद की कोशिशें जारी हैं।
कर्मठ कार्यकर्ताओं को मिलेगी प्राथमिकता
इस बीच, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने स्पष्ट किया है कि पार्टी किसी उद्योगपति या बाहरी प्रभाव वाले व्यक्ति को उम्मीदवार नहीं बनाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने समर्पित कार्यकर्ताओं को सम्मान देने की परंपरा पर कायम है और राज्यसभा के लिए भी किसी कर्मठ पार्टी कार्यकर्ता को ही जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
