ट्विशा शर्मा की मौत की जांच में नया मोड़: AIIMS की फोरेंसिक रिपोर्ट आई सामने
ट्विशा शर्मा की मौत की जांच में प्रगति
नई दिल्ली: भोपाल में अपने ससुराल में मृत पाई गई ट्विशा शर्मा के मामले में जांच अब एक महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है। दिल्ली के AIIMS के मेडिकल बोर्ड ने कोर्ट के आदेश पर किए गए दूसरे पोस्टमार्टम के बाद अपनी अंतिम फोरेंसिक रिपोर्ट CBI को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में वैज्ञानिक निष्कर्षों ने जांच से जुड़े एक महत्वपूर्ण सवाल का उत्तर देने में मदद की है। यह रिपोर्ट अब मामले की आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
फाइनल फोरेंसिक रिपोर्ट का विवरण
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए 10 जुलाई को अपनी 11 पन्नों की फाइनल फोरेंसिक रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में CBI को सौंप दी। इस रिपोर्ट में लैब और हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के आधार पर कई वैज्ञानिक निष्कर्ष शामिल हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जिस जिम्नास्टिक्स बेल्ट का उपयोग कथित तौर पर फंदा बनाने में किया गया था, उस पर त्वचा के ऊतकों के निशान पाए गए हैं। ये टिश्यू पीड़िता की गर्दन पर मौजूद फंदे के निशानों से मेल खाते हैं।
जिम्नास्टिक्स बेल्ट पर संदेह का समाधान
इस मामले में सबसे बड़ा विवाद इस बात को लेकर था कि फंदा बनाने के लिए किस वस्तु का उपयोग किया गया था। AIIMS की फोरेंसिक जांच ने स्पष्ट किया कि मेटल रिंग वाली जिम्नास्टिक्स बेल्ट ही वह वस्तु थी, जिससे कथित रूप से फंदा बनाया गया था। बेल्ट पर मिले स्किन टिश्यू और पोस्टमार्टम के दौरान गर्दन पर मिले निशानों के बीच वैज्ञानिक स्तर पर समानता पाई गई है। इससे जांच एजेंसियों को घटनाक्रम को समझने में महत्वपूर्ण आधार मिला है।
पहले पोस्टमार्टम में कमी
शुरुआती पोस्टमार्टम के दौरान कथित फंदे के रूप में इस्तेमाल की गई बेल्ट मेडिकल बोर्ड के सामने पेश नहीं की गई थी, जिसके कारण उस समय इस महत्वपूर्ण पहलू की वैज्ञानिक जांच नहीं हो सकी थी। परिवार ने शुरुआती जांच और पोस्टमार्टम प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद मामला मध्य प्रदेश हाई कोर्ट पहुंचा। कोर्ट ने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए AIIMS दिल्ली के विशेषज्ञ मेडिकल बोर्ड से दोबारा पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया।
दूसरा पोस्टमार्टम और रिपोर्ट
AIIMS दिल्ली के मेडिकल बोर्ड ने 24 मई को दूसरा पोस्टमार्टम किया। इस दौरान मेडिकल टीम ने शव का परीक्षण करने के साथ-साथ घटनास्थल का भी निरीक्षण किया। सभी साक्ष्यों, मेडिकल रिकॉर्ड और फोरेंसिक नमूनों का विस्तृत वैज्ञानिक विश्लेषण किया गया। जांच पूरी होने के बाद बोर्ड ने अपनी अंतिम रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में CBI को सौंप दी। कोर्ट के निर्देशों के कारण रिपोर्ट की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
रिपोर्ट की वैज्ञानिक तैयारी
AIIMS दिल्ली के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता ने रिपोर्ट की सामग्री पर टिप्पणी करने से इनकार किया। हालांकि, उन्होंने बताया कि मेडिकल बोर्ड ने किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले लगभग एक महीने तक सभी संभावित पहलुओं का गहराई से अध्ययन किया। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध वैज्ञानिक साहित्य और मेडिकल जर्नल्स का भी अध्ययन किया गया, ताकि रिपोर्ट पूरी तरह वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित हो।
परिवार की मांग पर CBI को सौंपा गया मामला
ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी हुई मिली थीं। परिवार ने शुरुआती जांच और पोस्टमार्टम पर कई सवाल उठाए थे, जिसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए AIIMS दिल्ली से दूसरा पोस्टमार्टम कराने का निर्देश दिया और बाद में जांच CBI को सौंप दी। अब AIIMS की अंतिम फोरेंसिक रिपोर्ट जांच एजेंसी के पास पहुंच चुकी है।
