Newzfatafatlogo

दिल्ली के पांडव नगर में इमारतों में दरारें: खुदाई से मची अफरा-तफरी

दिल्ली के पांडव नगर में एक निर्माणाधीन इमारत के पास खुदाई के दौरान चार मंजिला इमारतों में दरारें आ गईं, जिससे स्थानीय निवासियों में दहशत फैल गई। लोग अपने घरों से भागने लगे और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और नगर निगम ने मौके पर पहुंचकर इमारतों को खाली कराया। प्रभावित परिवारों ने सरकार से मदद की अपील की है, और अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि संबंधित विभाग क्या कदम उठाएगा।
 | 

दिल्ली में इमारतों में दरारें आने से हड़कंप


पूर्वी दिल्ली: पूर्वी दिल्ली के मांडवाली थाना क्षेत्र के पांडव नगर में बी-ब्लॉक में अचानक चार मंजिला इमारतों में दरारें दिखाई देने से अफरा-तफरी मच गई। यह घटना तब हुई जब पास में एक निर्माणाधीन इमारत के लिए खुदाई का कार्य चल रहा था। इस दौरान आसपास के दो मकानों में कंपन महसूस किया गया और दरारें आने की सूचना मिली। इस स्थिति ने वहां रहने वाले परिवारों में दहशत पैदा कर दी, जिससे लोग अपने सामान छोड़कर तेजी से बाहर निकलने लगे।


खुदाई के दौरान लोगों में दहशत


स्थानीय निवासियों ने बताया कि खुदाई के दौरान दोनों मकानों में हलचल महसूस हुई। जब उन्होंने बाहर आकर इमारतों को देखा, तो दीवारों में दरारें स्पष्ट रूप से दिखाई दीं। इस दृश्य ने इलाके में हड़कंप मचा दिया, और लोगों को चिंता होने लगी कि कहीं इमारतों को और नुकसान न पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दोनों मकानों को तुरंत खाली कराया गया।


पुलिस और नगर निगम की कार्रवाई


घटना की जानकारी मिलते ही दिल्ली पुलिस और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंच गई। एहतियात के तौर पर इमारतों को खाली कराया गया और नगर निगम ने नोटिस भी जारी किया। अब स्थानीय लोग इस बात की प्रतीक्षा कर रहे हैं कि संबंधित विभाग जांच के बाद इमारतों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाएगा और निर्माण कार्य के दौरान बरती गई सावधानियों की समीक्षा कैसे की जाएगी।


सोनी परिवार की मदद की अपील


इस घटना से प्रभावित सोनी परिवार सहित अन्य निवासियों की चिंता बढ़ गई है। जिन घरों में परिवार अपने बच्चों के साथ सुरक्षित जीवन बिताने का सपना देख रहे थे, अब उन घरों की दीवारों में दरारें देखकर वे चिंतित हैं। प्रभावित परिवार ने सरकार और संबंधित अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई है। लोगों की मांग है कि इमारतों की तकनीकी जांच कराई जाए, नुकसान के कारणों का पता लगाया जाए और प्रभावित परिवारों की सुरक्षा तथा उचित सहायता सुनिश्चित की जाए। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि खुदाई के दौरान लापरवाही हुई है, तो जिम्मेदारी किसकी होगी? फिलहाल, इमारतों की वास्तविक स्थिति और दरारों के कारणों की पुष्टि तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगी।