दिल्ली जल बोर्ड घोटाले में पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन समेत छह की गिरफ्तारी
दिल्ली एंटी करप्शन ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई
नई दिल्ली: दिल्ली एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने दिल्ली जल बोर्ड (DJB) से जुड़े एक बड़े घोटाले में पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन सहित छह व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 18 अगस्त 2026 को भ्रष्टाचार और टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोपों के तहत की गई है।
टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप
ACB के अनुसार, यह मामला दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के विस्तार और अपग्रेडेशन के लिए जारी टेंडर से संबंधित है। जांच एजेंसी का आरोप है कि टेंडर की तकनीकी शर्तों में ऐसे बदलाव किए गए, जिससे एक विशेष तकनीक और निजी कंपनी को लाभ मिल सके।
एजेंसी ने यह भी कहा कि प्रस्तावित पायलट स्टडी का आयोजन नहीं किया गया, फिर भी टेंडर में एक खास तकनीक और मीडिया के उपयोग से संबंधित शर्तें जोड़ी गईं। जांच में तकनीकी मानकों में बदलाव और आवश्यक शर्तों को हटाने की बात भी सामने आई है।
1.52 करोड़ रुपये के लेन-देन की जांच
ACB ने जांच के दौरान कथित मनी ट्रेल की भी पड़ताल की। एजेंसी के अनुसार, तकनीक उपलब्ध कराने वाली कंपनी से जुड़ी राशि कुछ मध्यस्थ कंपनियों के माध्यम से आगे भेजी गई।
जांच एजेंसी का दावा है कि लगभग 1.52 करोड़ रुपये तत्कालीन DJB CEO उदित प्रकाश राय और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों में स्थानांतरित किए गए। ACB का आरोप है कि इस धनराशि का उपयोग अचल संपत्ति खरीदने में किया गया।
गिरफ्तार किए गए छह आरोपी
ACB ने पूर्व मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन, पूर्व DJB CEO और IAS अधिकारी उदित प्रकाश राय, पूर्व कॉन्ट्रैक्चुअल सलाहकार अंकित श्रीवास्तव, AN Enterprises के मालिक नागेंद्र यादव, Euroteck Environment Pvt. Ltd. के मालिक राजा कुमार कुर्रा और Srijanhar के प्रोपराइटर पंकज वर्मा को गिरफ्तार किया है। एजेंसी के अनुसार, सभी आरोपियों से जांच के दौरान मिले सबूतों के आधार पर पूछताछ की गई और इसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया।
जांच प्रक्रिया जारी
ACB अब टेंडर प्रक्रिया, कथित वित्तीय लेन-देन और आरोपियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति या लाभार्थी शामिल था। मामले की आगे की जांच जारी है।
