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दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर ठगी का भंडाफोड़

दिल्ली पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई में अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटरों के खिलाफ छापेमारी की, जिसमें 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। ये आरोपी विदेशी नागरिकों को तकनीकी सहायता के नाम पर ठगने का काम कर रहे थे। पुलिस ने छापेमारी के दौरान कई डिजिटल उपकरण और नकद राशि भी बरामद की। जानें इस ठगी के तरीके और पुलिस की कार्रवाई के बारे में विस्तार से।
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दिल्ली में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा


नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने विदेशी नागरिकों को तकनीकी सहायता के नाम पर ठगने वाले अवैध अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटरों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। वेस्ट दिल्ली के मीनाक्षी गार्डन और कीर्ति नगर में 17 सितंबर को पुलिस ने संयुक्त छापेमारी की, जिसमें 23 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया।


पुलिस के वेस्ट जिला डीसीपी हरेश्वर वी. स्वामी ने बताया कि आरोपी आवासीय स्थानों को कॉल सेंटर में बदलकर अमेरिका, कनाडा और यूरोप के नागरिकों को निशाना बना रहे थे। ये लोग खुद को एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट के तकनीकी सहायता अधिकारी बताकर विदेशी नागरिकों से संपर्क करते थे।


फर्जी पॉप-अप से शुरू होता था ठगी का खेल


जांच में पता चला है कि आरोपियों का तरीका बहुत योजनाबद्ध था। वे विदेशी नागरिकों के कंप्यूटर या मोबाइल पर फर्जी पॉप-अप संदेश दिखाकर उन्हें एक टोल-फ्री नंबर पर संपर्क करने के लिए प्रेरित करते थे। इसके बाद, भारत में बैठे टेली-कॉलर पीड़ितों से बातचीत करते थे।


जब पीड़ित भरोसा कर लेते थे, तो कॉल को एक अन्य व्यक्ति को स्थानांतरित किया जाता था, जो खुद को वरिष्ठ अधिकारी बताकर समस्या का समाधान करने के नाम पर 149 से 499 अमेरिकी डॉलर तक की मांग करता था। पुलिस के अनुसार, पीड़ितों से एप्पल गिफ्ट कार्ड या ज़ेल के माध्यम से भुगतान कराया जाता था।


हाईटेक नेटवर्क का पर्दाफाश


पुलिस ने छापेमारी में 27 लैपटॉप, 28 मोबाइल फोन, 11 राउटर, 36 हेडफोन, 25 एडाप्टर और 79,200 रुपये नकद बरामद किए। इसके अलावा, दो महंगी कारें भी मिलीं। प्रारंभिक जांच में इंटरनेट आधारित कॉलिंग और रिमोट-एक्सेस अनुप्रयोगों के इस्तेमाल के संकेत मिले हैं।


23 आरोपियों की गिरफ्तारी


गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सौरभ शर्मा, राहुल वर्मा, राजू, रतन कुमार, निलेश मिश्रा, विकास गिरी, नवजोत सिंह, और अन्य शामिल हैं। इनमें से कुछ आरोपी कॉल सेंटर के मालिक या प्रबंधक थे।


साइबर टीम की मेहनत रंग लाई


इस ऑपरेशन का नेतृत्व थाना साइबर वेस्ट के एसएचओ और स्पेशल स्टाफ के अधिकारियों ने किया। पुलिस अब बरामद डिजिटल उपकरणों की गहन जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क की संरचना और ठगी की रकम के प्रवाह का पता लगाया जा सके।