दिल्ली पुलिस ने ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया, करोड़ों की नकदी और स्मैक बरामद
दिल्ली में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
नई दिल्ली: दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस ने नशे के कारोबार पर कड़ा प्रहार करते हुए एक ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। ओखला औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया है, जो स्थानीय नशा विक्रेताओं से लेकर बड़े सप्लायरों तक फैला हुआ था। पुलिस ने गुप्त सूचना और पूछताछ के आधार पर आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा
दिल्ली पुलिस के मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में साउथन रेंज के ज्वाइंट सीपी विजय कुमार ने बताया कि डीसीपी विनीत कुमार की देखरेख में पुलिस ने आरोपियों के पास से 1 किलो 383 ग्राम स्मैक और लगभग 3 करोड़ 71 लाख 98 हजार 560 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस को संदेह है कि यह राशि नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री से अर्जित की गई है, और इसकी वित्तीय जांच की जा रही है।
शुरुआत कैसे हुई?
यह मामला 27 अप्रैल 2026 को ओखला औद्योगिक क्षेत्र थाने में दर्ज एनडीपीएस अधिनियम के तहत शुरू हुआ। पुलिस ने अब्दुल्ला और करण नामक दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया, जिनके पास क्रमशः 11.12 ग्राम और 13.53 ग्राम स्मैक मिली। पूछताछ के दौरान पुलिस ने किरण उर्फ राम प्रसाद का नाम सुना, जिसे पहले गोविंदपुरी थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
फरीदाबाद तक फैला ड्रग नेटवर्क
जांच के दौरान मनिया उर्फ सुमन पाठक नामक महिला की संलिप्तता सामने आई, जो ऑटो-रिक्शा के माध्यम से मादक पदार्थों की आवाजाही में मदद करती थी। पुलिस ने उसे विक्की और गुड्डू के साथ गिरफ्तार किया, जिनके पास से 32 ग्राम स्मैक बरामद हुई। जांच का दायरा फरीदाबाद तक पहुंचा, जहां सुनीत उर्फ नन्हे को गिरफ्तार किया गया और उसके पास से 39 ग्राम स्मैक मिली।
बड़ी मात्रा में नशा और नकदी का खुलासा
पुलिस ने फोरेंसिक और अपराध जांच दल की मदद से एक परिसर की तलाशी ली, जहां से 1 किलो 296 ग्राम अतिरिक्त स्मैक और 3,71,98,560 रुपये नकद बरामद हुए। इस बड़ी राशि के मिलने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि यह धन कहां से आया और इसे कैसे इस्तेमाल किया गया।
पुलिस की आगे की जांच
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की भूमिकाएं अलग-अलग थीं। कुछ सप्लाई में, कुछ वितरण में और कुछ मध्यस्थ के रूप में कार्य कर रहे थे। दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस अब नेटवर्क की आगे और पीछे की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। पूरी कार्रवाई उपायुक्त और सहायक पुलिस आयुक्त की निगरानी में की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की आगे की जांच जारी है।
