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दिल्ली पुलिस ने नकली ब्रांड उत्पादों के गिरोह का किया भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने एक बड़े ऑपरेशन में नकली ब्रांड उत्पादों के गिरोह का भंडाफोड़ किया है। एंटी रॉबरी एंड स्नैचिंग सेल ने घोंडा और नांगलोई में छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में लाखों नकली पाउच, कच्चा माल और पैकिंग सामग्री जब्त की गई। पुलिस अब पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और गिरफ्तार आरोपियों के बारे में।
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दिल्ली में नकली सामान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई


नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने देशभर में नामी कंपनियों के ब्रांड नाम का उपयोग कर नकली सामान बेचने वाले गिरोह पर कड़ा प्रहार किया है। एंटी रॉबरी एंड स्नैचिंग सेल (एआरएससी) की टीम ने घोंडा और नांगलोई के अमनपुरी क्षेत्र में छापेमारी कर नकली ईनो और फेविक्विक बनाने और पैक करने के अवैध कारोबार का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में नवीन सिंघल (51) और बलराज बंसल (45) को गिरफ्तार किया गया है।


एक साथ दो गोदामों और फैक्ट्री पर छापेमारी


क्राइम ब्रांच के डीसीपी संजीव कुमार यादव ने बताया कि घोंडा में दो गोदामों और नांगलोई में एक अवैध पैकेजिंग यूनिट पर छापे मारे गए। निरीक्षक रॉबिन त्यागी के नेतृत्व में और सहायक पुलिस आयुक्त विवेकानंद पाठक की निगरानी में टीम ने संदिग्ध उत्पादों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया।


लाखों नकली पाउच और कच्चा माल जब्त


पुलिस के अनुसार, छापेमारी के दौरान 1,97,856 पैक किए हुए नकली ईनो पाउच बरामद हुए। इसके अलावा, 310 किलोग्राम से अधिक वजन वाले खुले पाउच भी मिले, जिनकी संख्या लगभग चार लाख थी। लगभग 200 किलोग्राम साइट्रिक एसिड, तीन लाख से अधिक ईनो स्टिकर और करीब 100 किलोग्राम पैकिंग रोल भी जब्त किए गए।


इस कार्रवाई में पिडिलाइट के नाम से पैक किए गए 1,12,560 संदिग्ध फेविक्विक पाउच और दो लाख से अधिक इकाइयों के लिए उपयोग की जाने वाली सामग्री भी मिली। मौके से एक चालू विद्युत फॉर्म फिल एंड सील मशीन और सीलिंग उपकरण भी बरामद किए गए।


पुलिस पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी


पुलिस के अनुसार, नवीन सिंघल पर देशभर में नकली सामान की आपूर्ति करने और बलराज बंसल पर इसके निर्माण और पैकिंग का आरोप है। दोनों के पूर्व में भी इसी तरह के मामलों में संलिप्तता पाई गई है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 318(4), 274, 275 और 61(2) तथा कॉपीराइट अधिनियम की धारा 63 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर कच्चे माल के स्रोत, वितरकों और पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।