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दिल्ली पुलिस ने विदेशी सिगरेट के अवैध कारोबार पर की बड़ी कार्रवाई, 78,800 सिगरेट जब्त

दिल्ली पुलिस ने खारी बावली क्षेत्र में विदेशी सिगरेट के अवैध कारोबार पर एक बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें 78,800 सिगरेट की डंडियां जब्त की गई हैं। पुलिस ने दुकान के प्रबंधक को गिरफ्तार किया और अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये सिगरेट कहां से आईं। इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अवैध तंबाकू कारोबार पुलिस की नजर से बच नहीं सकता। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और पुलिस की आगे की योजना।
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दिल्ली में विदेशी सिगरेट का बड़ा जखीरा बरामद


नई दिल्ली: राजधानी के खारी बावली क्षेत्र में विदेशी सिगरेट के अवैध व्यापार पर दिल्ली पुलिस की उत्तरी जिले की विशेष कार्यबल ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। नयाबांस पान मंडी में एक दुकान पर छापेमारी के दौरान, पुलिस ने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय ब्रांड की 78,800 सिगरेट की डंडियां जब्त की हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन सिगरेट पर भारतीय कानून के तहत आवश्यक चित्रात्मक स्वास्थ्य चेतावनी नहीं थी। इस कार्रवाई में पुलिस ने दुकान के प्रबंधक, 45 वर्षीय जुनैद अहमद को गिरफ्तार किया।


उत्तरी जिला के डीसीपी निहारिका भट्ट ने बताया कि एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि नयाबांस, पान मंडी में एक दुकान पर बिना आवश्यक स्वास्थ्य चेतावनी वाली विदेशी सिगरेट का भंडारण किया गया है। सूचना मिलते ही एसटीएफ ने कार्रवाई की और जब पुलिस टीम ने दबिश दी, तो इलाके में हलचल मच गई और विदेशी सिगरेट का बड़ा जखीरा सामने आया।


एक ही दुकान से मिले नौ ब्रांड की सिगरेट


तलाशी के दौरान, पुलिस ने एस्से लाइट्स की 32,200, मोंड की 32,000, एस्से स्पेशल गोल्ड की 5,200, एस्से गोल्डन लीफ की 2,400, विन की 2,400, डजारम ब्लैक की 1,600, डनहिल सिल्वर की 1,400, डनहिल ब्लैक की 1,000 और डेविडॉफ गोल्ड की 600 सिगरेट बरामद कीं। इस प्रकार, एक ही स्थान से कुल 78,800 सिगरेट की डंडियां पुलिस के हाथ लगीं। पुलिस ने इस मामले में धूम्रपान एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम के तहत एफआईआर संख्या 487/2026 दर्ज की है।


छह महीने से चल रहा था विदेशी सिगरेट का कारोबार


पूछताछ में, जुनैद अहमद ने बताया कि वह पिछले छह महीनों से इस दुकान पर प्रबंधक के रूप में कार्यरत था। दुकान पर गुटखा के साथ विदेशी ब्रांड की सिगरेट भी थोक में रखी जाती थीं, जिन्हें खुदरा बिक्री के अलावा विशेष ऑर्डर पर भी बेचा जाता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये सिगरेट कहां से आईं और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय थे। दुकान का मालिक छापेमारी के समय मौके पर मौजूद नहीं था, और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।


पुलिस की जांच सप्लायर तक पहुंचेगी


एसटीएफ की कार्रवाई के बाद, अब जांच का अगला लक्ष्य वह नेटवर्क है जिसके माध्यम से विदेशी सिगरेट की खेप दुकान तक पहुंची। पुलिस बरामद माल के स्रोत, सप्लायर और वितरण व्यवस्था का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस पूरी कार्रवाई में एसटीएफ उत्तरी जिले की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में उपनिरीक्षक सौरव, उपनिरीक्षक सरताज, सहायक उपनिरीक्षक राजीव, सहायक उपनिरीक्षक शाहिर, हेड कांस्टेबल निशांत, हेड कांस्टेबल परवीन, हेड कांस्टेबल मुकुल, कांस्टेबल निशांत और कांस्टेबल मयंक शामिल थे। इस कार्रवाई का नेतृत्व निरीक्षक आशीष कुमार दुबे ने किया। दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अवैध तंबाकू कारोबार चाहे कितना भी छिपा हो, पुलिस की नजर से बचना आसान नहीं है। अब पुलिस की नजर बरामद सिगरेट के पीछे छिपे सप्लाई नेटवर्क पर है।