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दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगी के शिकार बुजुर्ग को बचाया, 67 लाख रुपये की ठगी का मामला

दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस इकाई ने एक बुजुर्ग को साइबर ठगी से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 67 लाख रुपये की ठगी के मामले में, पुलिस ने धन के लेन-देन की जांच करते हुए जनकपुरी में एक संभावित पीड़ित तक पहुंच बनाई। बुजुर्ग को समय पर सहायता प्रदान की गई और उनकी शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन पर दर्ज की गई। जानें इस मामले की पूरी कहानी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
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दिल्ली पुलिस की सक्रियता से बुजुर्ग को मिली मदद


नई दिल्ली: साइबर ठगों के शिकार हो रहे लोगों की मदद के लिए दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (आईएफएसओ) इकाई ने एक प्रभावी कदम उठाया है। एक डिजिटल ठगी के मामले में, पुलिस ने धन के लेन-देन की जांच करते हुए पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी में एक बुजुर्ग संभावित पीड़ित तक पहुंच बनाई और उसे समय पर सहायता प्रदान की।


67 लाख रुपये की ठगी की जांच
आईएफएसओ के डीसीपी अनीश रॉय ने बताया कि 20 सितंबर को एक मामले में 67 लाख 30 हजार 300 रुपये की साइबर ठगी की गई थी। जांच के दौरान, निरीक्षक परवीन कुमार, प्रधान आरक्षक मनोज और महिला आरक्षक मीनाक्षी की टीम ने एक संदिग्ध खाते से जुड़े धन प्रवाह का विश्लेषण किया। इस प्रक्रिया में, दक्षिण भारतीय बैंक का एक बचत खाता सामने आया, जो संभवतः किसी अन्य पीड़ित का भी हो सकता है।


बुजुर्ग पीड़ित को सहायता प्रदान करना
खाताधारक जनकपुरी में अकेले रह रहे बुजुर्ग थे और काफी चिंतित थे। आईएफएसओ टीम ने तुरंत थाना जनकपुरी से संपर्क किया और बीट कांस्टेबल आर.के. मीणा को उनके निवास पर भेजा। परिजनों को भी बुलाकर सहायता प्रदान की गई। बुजुर्ग की शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर दर्ज की गई और ठगी की राशि को रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई।