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दिल्ली में अवैध निर्माण पर MCD की सख्त कार्रवाई: 1,243 PG इमारतों का होगा सर्वे

दिल्ली में हाल ही में हुए सत्य निकेतन हादसे के बाद, MCD ने अवैध निर्माण के खिलाफ अपनी कार्रवाई को तेज कर दिया है। 34 संपत्तियों को ध्वस्त किया गया और 17 इमारतों को सील किया गया है। MCD अब 1,243 PG इमारतों की सुरक्षा की जांच करने की योजना बना रहा है, जिसमें लगभग 24,000 लोग रह रहे हैं। सर्वेक्षण 10 सितंबर तक पूरा किया जाएगा, जिससे इमारतों को सुरक्षित और असुरक्षित श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा।
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दिल्ली में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई


नई दिल्ली: सत्य निकेतन में हुए हादसे में 7 लोगों की जान जाने के बाद, दिल्ली नगर निगम (MCD) ने अवैध निर्माण और असुरक्षित इमारतों के खिलाफ अपनी कार्रवाई को तेज कर दिया है। पिछले 48 घंटों में, राजधानी के 12 क्षेत्रों में 34 संपत्तियों को ध्वस्त किया गया है, जबकि 17 इमारतों को सील किया गया है। MCD अब उन हजारों लोगों की सुरक्षा पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है, जो PG में निवास कर रहे हैं।


मंगलवार को 17 संपत्तियों पर कार्रवाई

MCD ने मंगलवार को विभिन्न क्षेत्रों में 17 संपत्तियों के खिलाफ बुलडोजर चलाया। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाली 5 संपत्तियों को सील भी किया गया। अधिकारियों ने निर्माण नियमों और अन्य अनियमितताओं को कार्रवाई का आधार बनाया।


बुधवार को अभियान जारी

बुधवार को यह अभियान और भी तेज हुआ। MCD ने 22 कारण बताओ नोटिस जारी किए और 4 डिमोलिशन ऑर्डर भी जारी किए। यह स्पष्ट है कि निगम केवल मौके पर कार्रवाई नहीं कर रहा, बल्कि आगे की कानूनी प्रक्रिया भी साथ-साथ बढ़ा रहा है।


जामा मस्जिद से द्वारका तक कार्रवाई

अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई कई क्षेत्रों में की गई। जामा मस्जिद के निकट एक इमारत में छत की प्लेट और पार्टिशन वॉल को हटाया गया। बाजार सीताराम, विकास नगर और द्वारका सेक्टर-17 में भी कार्रवाई की गई। राणा प्रताप बाग और मॉडल टाउन में भी अवैध निर्माण के हिस्से तोड़े गए।


1,243 PG इमारतों का सर्वे

हादसे के बाद, MCD ने लगभग 1,243 PG इमारतों की पहचान की है, जिनमें करीब 24,000 लोग निवास कर रहे हैं। निगम इन इमारतों की सुरक्षा की जांच कर एक डेटाबेस तैयार करेगा, विशेष रूप से ऊंची RCC इमारतों और उन इमारतों की जो ईंट की दीवारों पर निर्भर हैं।


10 सितंबर तक सर्वे पूरा होगा

सर्वे के बाद, इमारतों को चार श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा: सुरक्षित, मामूली मरम्मत वाली, बड़ी मरम्मत वाली और खतरनाक। अधिकारियों को 10 सितंबर तक सर्वे पूरा करने का निर्देश दिया गया है। अब MCD का ध्यान केवल अवैध निर्माण को ध्वस्त करने पर नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी है।