दिल्ली में अवैध निर्माणों पर प्रशासन का सख्त एक्शन: 22 मौतों के बाद शुरू हुआ अभियान
दिल्ली में आग के बाद प्रशासन की कार्रवाई
नई दिल्ली: दिल्ली के हौज रानी क्षेत्र में एक अवैध गेस्ट हाउस में लगी भीषण आग के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। इस घटना में 22 लोगों की जान जाने के बाद, एमसीडी और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने अवैध निर्माणों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाने का निर्णय लिया है। मंगलवार को, अधिकारियों ने दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में 86 इमारतों की आकस्मिक जांच की। इस दौरान 16 अवैध इमारतों को ध्वस्त किया गया और 29 को सील कर दिया गया।
500 से अधिक संपत्तियों की जांच का आंकड़ा
राजस्व विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 5 से 9 जून के बीच कुल 538 संपत्तियों की जांच की गई। इस दौरान अवैध निर्माणों के खिलाफ नोटिस जारी करने, सीलिंग, तोड़-फोड़ और खाली कराने जैसी कार्रवाई की गई। एमसीडी ने मंगलवार को 21 शो-कॉज नोटिस जारी किए और 57 स्थानों को सील करने के नोटिस जारी किए। इसके अलावा, 22 इमारतों को गिराने के आदेश भी दिए गए।
अलग-अलग क्षेत्रों में अभियान का विस्तार
दिल्ली के विभिन्न जिलों में प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। दक्षिण जिले में एक इमारत को सील किया गया और वहां तोड़-फोड़ की गई। दक्षिण-पूर्व दिल्ली में अतिरिक्त निर्माण को हटाया गया। पुरानी दिल्ली, दरियागंज, मदनपुर खादर और नॉर्थ-ईस्ट क्षेत्र में भी कई गेस्ट हाउस, होटल और बैंक्वेट हॉलों को फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन पर नोटिस जारी किए गए।
जांच में सामने आई गंभीर खामियां
अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान कई गंभीर खामियां उजागर हुईं। कई स्थानों पर बिना मंजूरी के निर्माण, निर्धारित सीमा से अधिक मंजिलें, फायर क्लीयरेंस की कमी और सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही पाई गई। कुछ इमारतों के बिल्डिंग प्लान तक स्वीकृत नहीं थे, जबकि कई व्यावसायिक संपत्तियां नियमों का पालन किए बिना संचालित हो रही थीं।
नियमों का उल्लंघन करने वालों को चेतावनी
एमसीडी दक्षिण जोन के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान पूरे शहर में समान रूप से लागू किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 48 घंटे का नोटिस दिया जाएगा और उसके बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी बताया कि मास्टर प्लान-2021, यूनिफाइड बिल्डिंग बाय-लॉज-2016 और दिल्ली नगर निगम अधिनियम के तहत अवैध निर्माणों पर निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।
अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल स्वीकृत और सुरक्षित इमारतों का ही उपयोग करें। साथ ही, भवन मालिकों को सुरक्षा मानकों का पालन करने की चेतावनी दी गई है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।
