Newzfatafatlogo

दिल्ली में जंतर-मंतर प्रदर्शन का विवाद: एसीपी विवेक भगत ने दर्ज कराई FIR

दिल्ली में तीन अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद एसीपी विवेक भगत ने एक विवादास्पद FIR दर्ज कराई है। शिकायत में स्वतंत्र पत्रकार रोजी गजेंद्र सिंह और अन्य पर जातिसूचक टिप्पणियां करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और सोशल मीडिया पर छवि धूमिल करने के आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में पुलिस जांच कर रही है, और दोनों पक्षों के आरोपों की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और कानूनी पहलू।
 | 

दिल्ली में प्रदर्शन से जुड़ा विवाद कानूनी मोड़ पर

नई दिल्ली: दिल्ली में तीन अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद विवाद अब कानूनी रूप ले चुका है। सहायक पुलिस आयुक्त विवेक भगत की शिकायत पर संसद मार्ग थाने में 13 अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस शिकायत में स्वतंत्र पत्रकार रोजी गजेंद्र सिंह और कॉकरोच जनता पार्टी के कुछ सदस्यों पर जातिसूचक टिप्पणियां करने, सार्वजनिक अपमान करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और सोशल मीडिया पर छवि को धूमिल करने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।


प्रदर्शन के दौरान विवाद की शुरुआत

शिकायत के अनुसार, तीन अक्टूबर को चुनाव आयोग के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान एसीपी विवेक भगत कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इसी दौरान, बुटा सिंह गोलचक्कर के पास स्वतंत्र पत्रकार रोजी ने कथित तौर पर उनकी जाति को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की और उनके एसीपी पद पर सवाल उठाए। विवेक भगत का कहना है कि उन्होंने इन टिप्पणियों को नजरअंदाज करते हुए अपनी सरकारी ड्यूटी जारी रखी। शिकायत में यह भी कहा गया है कि दोपहर करीब तीन बजे प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के दौरान रोजी ने एसीपी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया। एसीपी के अनुसार, रोजी और उनके साथ मौजूद लोगों ने बार-बार उनका सामना किया, जिससे सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न हुई।


थाने के बाहर प्रदर्शन और गंभीर आरोप

शिकायत के अनुसार, उसी शाम रोजी और अन्य लोगों ने संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया और एसीपी के खिलाफ नारेबाजी की। विवेक भगत ने आरोप लगाया है कि इस दौरान उनके लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया और उन्हें यौन दरिंदा तथा संभावित बलात्कारी कहा गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।


सोशल मीडिया पर पोस्ट और रील का आरोप

एसीपी ने अपनी शिकायत में कहा है कि रोजी, गजेंद्र सिंह और कॉकरोच जनता पार्टी के कुछ सदस्यों ने उनसे जुड़े आरोपों के संबंध में सोशल मीडिया पर पोस्ट और रील साझा कीं। शिकायत में रोजी गजेंद्र सिंह, अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका, सौरव दास और रत्ना सिंह के नाम शामिल हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि इन गतिविधियों से उन्हें मानसिक परेशानी हुई और उनकी सामाजिक तथा पेशेवर प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।


कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज

शिकायत के अनुसार, प्राथमिकी में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धारा 221, धारा 356(2) और धारा 3(5) का उल्लेख है। ये प्रावधान क्रमशः जाति आधारित अत्याचार, लोक सेवक के कार्य में बाधा, मानहानि और साझा आशय से संबंधित हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि रोजी की ओर से यौन उत्पीड़न को लेकर दर्ज कराई गई अलग शिकायत दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को भेजी गई थी और उसकी जांच चल रही है।


जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी

इस पूरे घटनाक्रम में दोनों पक्षों से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण है। एसीपी विवेक भगत की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी में लगाए गए आरोप अभी जांच के दायरे में हैं। प्राथमिकी में नाम दर्ज होने मात्र से किसी व्यक्ति का अपराध सिद्ध नहीं होता। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तय होगी।